जंतर मंतरः10 अक्टूबर सीजेपी प्रोटेस्ट में दिल्ली का क्या हाल है?

दस अक्टूबर, 2026 दिन शनिवार को जंतर मंतर और संसद के आस पास के इलाक़े को सैन्य छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
आज सुबह तक की ताज़ा ख़बर है कि दिल्ली में एक तरह से लॉकडाउन लगाने के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।
शुक्रवार 9 अक्टूबर से ही भारी संख्या में पुलिस, अर्द्धसैनिक बल, सुरक्षा बल, बीएसएफ़ के जवानों को तैनात किया गया है। यहां दी गई तस्वीरें बीबीसी, सोशल मीडिया, एक्स, इंस्टाग्राम से साभार प्रकाशित हैं।
जंतर मंतर और लुटियंस जोन में पूर्ण लॉकडाउन की स्थिति है और सड़कों पर सिर्फ पुलिस दिखाई दे रही है।
10 अक्टूबर की सुबह भारी संख्या में पुलिस कर्मी मुस्तैद हैं और पूरे इलाक़े में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
सीजेपी के सभी नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करते ही हवाई जहाज में घुसकर हिरासत में ले लिया गया, इसका दावा खुद दीपके ने किया है।
ख़बर है कि ध्रुव राठी को हिरासत में ले लिया गया है। इसके साथ ही सीजेपी के सभी अगुवा लोगों को भी पुलिस ने उठा लिया है।
इस प्रोटेस्ट के लिए सीजेपी ने आह्वान किया है, जबकि वामपंथी पार्टियों ने इसमें शामिल होने की बात कही है।
नौ अक्टूबर से पूरे देश से लोग दिल्ली की ओर आ रहे हैं और उन्हें जगह जगह डिटेन किया गया है।
दिल्ली में 57 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। जबकि क़रीब 250 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।
कल ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मक्खी मारने के लिए हथौड़ा नहीं इस्तेमाल करना चाहिए। कुछ लोग कह रहे हैं कि सीजेआई ने प्रदर्शनकारियों को मक्खी बताया।
इससे पहले सीजेआई सूर्यकांत ने बेरोज़गार नौजवानों को कॉकरोच बताया था जिसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन शुरू हुआ था।
और क़रीब एक महीने तक जंतर मंतर पर धरने के बाद 30 जुलाई को हज़ारों नौजवान जंतर मंतर और संसद तक पहुंच गए थे और आंदोलन में भारी हिंसा हुई थी।
वामपंथी छात्र नेता नेहा बोरा ने लोगों से अपील की है कि लोकतंत्र को बचाने के लिए यह प्रदर्शन जारी रहेगा।
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