संघर्ष

डाईकिन यूनियन को मान्यता मिल गई, लेकिन पुलिस ने यूनियन का झंडारोहण नहीं होने दिया

राजस्थान में अलवर के नीमराणा में 5 साल के लगातार संघर्ष के बाद यूनियन गठन होने पर डाईकिन एयर कंडीशनिंग मज़दूर यूनियन, नीमराणा को मान्यता हासिल हो गई।

काफी ज़द्दोज़हद के बावजूद प्रशासन ने झंडारोहण नहीं होने दिया, लेकिन प्रबंधन को मान्यता व वार्ता का अधिकार देना पड़ा।

गौरतलब है कि डाईकिन एयर कंडीशनिंग मज़दूर यूनियन द्वारा कंपनी गेट पर झंडारोहण का कार्यक्रम तय किया गया था।

किसी भी प्रकार के बाउंड्री स्टे नहीं होने के बावजूद कंपनी गेट से 500 मीटर पहले ही झंडा लगाने जा रहे करीब 500 मजदूरों को पुलिस ने रोक दिया।

प्रबन्धन से बातचीत के लिए 10 लोगों की कमेटी बनाई गई थी, जिसमें डाइकिन यूनियन के अध्यक्ष रुक्मुद्दीन, महासचिव दौलत राम, मनमोहन सिंह, हौंडा टपूकड़ा से सुरेन्द्र किरडोलिया, हीरो मोटोकॉर्प से शुक्ला और भीम राव, कानूनी सहलाकर अमित, समाजसेवी अनिता चौधरी, मारुति मानेसर से धीरेंद्र तिवाड़ी, मजदूर सहयोग केंद्र से रामनिवास, टोयडा से अनिल, डाइकिन कंपनी प्रबन्धक और प्रशासन के अधिकारियों के बीच करीब 2 घण्टे वार्तालाप चली जिसमें प्रबन्धक ने यूनियन को मान्यता प्रदान की।

दिन भर के आक्रोश भरे माहौल के बाद अंत मे शाम को 7 बजे यूनियन के पदाधिकारियों ने झंडा उठाया ओर आगे बढ़ गए जिसके चलते पुलिस ने यूनियन के अध्यक्ष रुक्मुद्दीन और महासचिव दौलत राम को गिरफ्तार कर लिया।

उल्लेखनीय है कि डाइकिन एयर कंडीशनिंग इंडिया प्रा. लि., नीमराना, अलवर के कर्मचारियों ने पिछले 5 सालों के लगातार जमीनी और कानूनी संघर्ष के बाद अंततः यूनियन गठन करने में सफलता हासिल की।

राजस्थान हाई कोर्ट जयपुर के आदेश के बाद यूनियन का पंजीकरण हुआ।

पांच सितम्बर के कार्यक्रम के लिए डाईकिन कंपनी के सभी मज़दूर आए थे। साथ में, नीमराना-टपूकड़ा-बावल-धारूहेड़ा-मानेसर-गुड़गांव औद्योगिक क्षेत्र के अलग अलग कंपनियों से यूनियन प्रतिनिधि और मज़दूर भी पहुंचे थे।

मारुति मानेसर प्लांट, मारुति गुड़गांव प्लांट, मारुति पॉवरट्रेन, हौंडा टपूकड़ा प्लांट, हीरो मोटोकॉर्प गुड़गांव प्लांट, टोयोडा गोसाई नीमराना प्लांट, रुचि बियर नीमराना प्लांट, स्योन अल्ट्रा वियर नीमराना प्लांट से यूनियन प्रतिनिधि और मज़दूर, मज़दूर सहयोग केंद्र, क्रांतिकारी नौजवान सभा, कलेक्टिव, पिंजरा तोड़, एटक, सीटू, भीम आर्मी आदि संगठनों के लोग, समाजसेवी अनिता चौधरी, कांग्रेस नेता ललित यादव आदि भी पहुंचे थे।

उल्लेखनीय है कि यूनियन पंजीकरण होने के बाद ही कंपनी प्रबंधन ने अभी तक 9 मज़दूरों को देश के अलग अलग राज्यों में प्रतिनियुक्ति दे दी है, जिनमें यूनियन प्रतिनिधि श्रवण, खेताराम, अरसद खान भी शामिल हैं।

ऐसे ही डाईकिन यूनियन के फ़ाइल जमा होने पर यूनियन के वर्तमान अध्यक्ष रुकमुदीन और महासचिव दौलत राम को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था।

इसके पहले मनमोहन सिंह, अनिल राणा, अनिल दत्त, पंकज सहित करीब 40 मज़दूरों को यूनियन गठन के संघर्ष के चलते बर्खास्त कर दिया गया है।

लेकिन डाईकिन के कार्यरत और बर्खास्त मज़दूर साथियों के साझा संघर्ष और अन्य कंपनियों के मज़दूर और मज़दूर पक्षधर संगठनों और सहयोगियों के मदद से यूनियन गठन का संघर्ष कामयाब हुआ।

डाईकिन यूनियन इस इलाके मे एकमात्र संघर्षशील यूनियन के हिसाब से पंजीकृत हुई है।

इलाकाई स्तर पर यूनियन गठन, सम्मानजनक मज़दूरी, स्थाई नौकरी व अन्य अधिकारों को लेकर संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए “मज़दूर संघर्ष समिति, अलवर” का गठन किया गया है, जिसमें डाईकिन यूनियन महत्वपूर्ण घटक है।

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