संघर्ष

रुद्रपुरः इंटरार्क मज़दूरों का दावा, प्रोडक्शन मैनेजर कह रहा- ‘मैं आरएसएस-बीजेपी का आदमी, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता’

रुद्रपुर के इंटरार्क कंपनी में  मैनेजमेंट और मज़दूरों के बीच महीनों से चल रहा तनाव अब विस्फोटक रूप लेता नज़र आ रहा है।

मज़दूरों को निकाले जाने के बाद मज़दूर और उनके परिजन फैक्ट्री गेट पर ही धरने पर बैठ गए हैं।

मैनेजमेंट ने 22 और 23 नवंबर को दो दर्जन मज़दूरों को मारपीट का आरोप लगाकार निलंबित कर दिया था।

मज़दूरों का कहना है कि पिछले तीन महीने से 700 से अधिक मज़दूरों के वेतन में कथित रूप लगातार कटौती की जा रही है।

ये भी पढ़ेंः चार दिन से धरने पर बैठे इंटरार्क मज़दूरों और महिलाओं का फूटा गुस्सा

श्रम विभाग की भी नहीं सुन रहा मैनेजमेंट

उनका कहना है कि ये हालात पंतनगर और किच्छा प्लांट दोनों में हैं।

पंतनगर इंटरार्क मज़दूर यूनियन के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने बताया कि, ‘श्रम विभाग द्वारा वेतन कटौती को गैरक़ानूनी करार दिया जा चुका है।’

उनके अनुसार, श्रम विभाग ने पहले ही हुई इसी तरह की निलंबन की कार्रवाईयों को गैरकानूनी बताया था।

यही नहीं डिप्टी लेबर कमिश्नर (डीएलसी), रुद्रपुर ने इस संबंध में मैनेजमेंट को नोटिस भी भेजा है लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।

किच्छा प्लांट की यूनियन के अध्यक्ष राकेश कुमार ने बयान जारी कर कहा है, “कंपनी के प्रोडक्शन मैनेजर मिस्टर रोहिल्ला छाती ठोककर कह रहे हैं कि मैं आरएसएस व भाजपा का आदमी हूँ, कोई भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।”

ये भी पढ़ेंः मज़दूरों के समर्थन में महिलाओं और बच्चों के आगे आते ही प्रशासन के हाथ पांव फूले, डीएम ने कहा- पहले इन्हें हटाएं

interarch workers rudrapur
वेतन समझौते को लेकर चला आ रहा तनाव अब वेतन कटौती से आगे बढ़कर निलंबन की ओर चला गया। मज़दूर परिवार फैक्ट्री गेट पर धरने पर बैठे। (फ़ोटोः अरेंज्ड)

दोनों प्लांटों पर धरना

उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन व सरकार मालिक की जेब हैं, इसीलिए श्रम विभाग भी मूकदर्शक बना हुआ है।

23 नवंबर को मज़दूर अपने परिजनों, महिलाओं और बच्चों के साथ ही दोनों प्लांटो के गेट पर धरने पर बैठ गए।

ठंड का मौसम होने की वजह से यूनियन ने धरनास्थल पर टेंट लगाने की कवायद की तो मैनेजमेंट ने इसे रोक दिया।

महिलाओं और बच्चों को खुले आसमान के नीचे रात बितानी पड़ी।

महिलाओं ने ऐलान किया है कि अगर मंगलवार तक मैनेजमेंट निलंबन वापस नहीं लेता है तो वो आमरण अनशन पर बैठेंगे।

(वर्कर्स यूनिटी स्वतंत्र मीडिया और निष्पक्ष मीडिया के उसूलों को मानता है। आप इसके फ़ेसबुकट्विटर और यूट्यूब को फॉलो करें।) 

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button
Close
Enable Notifications.    Ok No thanks