stranded workers in GZB

अभूतपूर्व बेरोज़गारी-2: हर दस साल में पूंजीवाद क्यों दिवालिया हो जाता है?

By एस. वी. सिंह पूंजीवादी अर्थव्यवस्था अपने चक्रीय संकटों और बेरोज़गारी के बगैर रह ही नहीं सकती? कुछ मुट्ठी भर लोगों की सम्पन्नता और बाकी सारे समाज की दरिद्रता, अति-उत्पादन …

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कहाँ हैं हमारी नौकरियाँ? कहाँ है हमारी सैलरी?

By गौतम मोदी 29 मार्च 2020 को गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी करते हुए निर्देश दिया कि “लॉकडाउन के दौरान काम बंद होने के कारण सभी मालिक मज़दूरों को …

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झारखंड में युवा आत्महत्या को लगा रहे गले, कोयलांचल में महज़ 82 दिनों में 101 लोगों ने की आत्महत्या

झारखंड के धनबाद और कोयलांचल में महज़ 82 दिनों में 101 लोगों ने मौत को गले लगाया। देश व्यापी लॉकडाउन के कारण पूरे देश में आत्महत्याओं का सिलसिला तेजी से …

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श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से दक्षिण पश्चिम रेलवे को 28.9 करोड़ की हुई कमाई

कर्नाटक से देश के विभिन्न हिस्सों में प्रवासी श्रमिकों को ले जाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के संचालन से, दक्षिण पश्चिम रेलवे ने 28.9 करोड़ की, कमाई की है। …

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doctors without gear

कोरोना ने बता दिया है बिना समाजवाद मज़दूरों की जान नहीं बचने वाली, एक ही विकल्प समाजवाद या बर्बरता- नज़रिया

By मुकेश असीम कोविड 19 बीमारी ऐसे वक्त में दुनिया को अपनी चपेट में ले रही है जब 40 साल की नवउदारवादी आर्थिक नीतियों ने एक ओर तो सार्वजनिक स्वास्थ्य …

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