यातना का कारखानाः वजीरपुर स्टील फैक्ट्रियों में काम करने वाला ऐसा कोई नहीं जिसका अंग भंग न हो

By खुशबू सिंह चमकदार बर्तनों में मुझे मेरा चेहरा नहीं, मज़दूरों की लाशें, कटी उंगलिया, ज़ख्मी हाथ, चोटिल सिर, और कंधे पर ज़िम्मेदारियों का बोझ लिए काम की चक्की में …

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