मानेसर: “बेलसोनिका प्रबंधन की तानाशाही से तंग आकर मज़दूरों ने किया काम बंद”

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हरियाणा के आईएमटी मानेसर में स्थित बेलसोनिका कंपनी में प्रबंधन और मजदूरों के बीच तनाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

बेलसोनिका प्रबंधन द्वारा यूनियन व मज़दूरों के ऊपर की जा रही तानाशाही व उकसावे पूर्ण कार्यवाही के विरोध में मजदूरों ने सोमवार दोपहर को 2 घंटे के लिए पूरी तरह से काम बंद (टूल डाउन) कर दिया।

बेलसोनिका मज़दूर यूनियन का आरोप है कि प्रबंधन लगातार मज़दूरों पर झूठे आरोप लगा कर छटनी करने की कोशिश कर रहा है। जिसके कारण आज मज़दूरों ने बेलसोनिका यूनियन के साथ मिल कर कंपनी में 2 घंटे का टूल डाउन किया है।

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बेलसोनिका मज़दूर यूनियन ने वर्कर्स यूनिटी को बताया कि “बेलसोनिका प्रबंधन ने स्थाई और पुराने हाई ट्रैक ठेका मज़दूरों को हटा कर उनकी जगह पर नीम ट्रेनिंग, डी टी ई व नए ठेका वर्कर लगा रहा है। उनका कहना है कि प्रबंधन छोटी-छोटी बातों पर मज़दूरों को सीधे सस्पेंड करने की धमकी दे रहा है साथ ही नो वर्क नो पे के लेटर भी थंबा रहा है।”

मज़दूरों के साथ दुश्मनों जैसा बर्ताव

यूनियन ने बताया कि “प्रबंधन की सारी उकसावेपूर्ण कार्रवाहियों के विरोध में यूनियन ने एक बार 2 दिन (20-21 मई 2022) की भूख हड़ताल भी की। परंतु प्रबंधन अपनी षड्यंत्रकारी नीति से बाज नहीं आ रहा है। प्रबंधन की इन सब उकसावेपूर्ण कार्रवाहियों के विरोध में यूनियन ने शासन – प्रशासन, श्रम विभाग को ज्ञापन, शिकायतें तक भी दी।

लेकिन प्रबंधन का रवैया इससे साफ प्रतीत हो रहा है कि वह प्लांट के अंदर अशांति का माहौल बना रहा है। अब उनके सामने कोई विकल्प नहीं बचा है। मज़दूरों में प्रबंधन की इन नीतियों के विरुद्ध रोष बढ़ता जा रहा है।”

गौरतलब है कि बेलसोनिका प्रबंधन द्वारा पिछले लगभग 1 वर्ष से मजदूरों को परेशान कर उकसावे पूर्ण कार्यवाही की जा रही है। बेलसोनिका यूनियन द्वारा स्थाई काम पर स्थाई रोजगार समान काम पर समान वेतन की कानूनी मांग के बाद से ही प्रबंधन यूनियन व मजदूरों के साथ दुश्मनों की तरह बर्ताव करने लगा है।

मुलभुत सुविधाओं में लगातार कटौती कर रहा है प्रबंधन

प्रबंधन ने पिछले वर्ष जुलाई 2021 से लगातार प्लांट के अंदर मजदूरों को परेशान करने व उकसाने के लगातार प्रयास किए। बेलसोनिका प्रबंधन ने जुलाई 2021 में हाई ट्रैक नामक ठेकदार के पुराने ठेका श्रमिकों को जबरदस्ती वीआरएस/VRS देने की बात की।

जब किसी भी ठेका श्रमिक ने वीआरएस नहीं लिया तो प्रबंधन ने 8-10 सालों से कार्य कर रहे इन मज़दूरों को फर्जी दस्तावेजों का हवाला देकर आरोप पत्र थमा दिए था। लेकिन इन दस्तावेजों के नाम पर अभी तक मज़दूरों को निलंबित नहीं किया गया है जिसके बाद अब मज़दूरों पर फ़र्ज़ी आरोप लग कर एफ आई आर/FIR की धमकी दे रहा है तो कभी हिंसा की धमकी दे रहा है।

बता दें कि प्रबंधन ने 1 अप्रैल से चलने वाले एयर वॉशर को समय से नहीं चलाया। इस भीषण गर्मी में मजदूरों ने बगैर एयर वॉशर, यानी बड़े कूलर पंखे के और गर्म पानी पीकर उत्पादन कार्य किया। मजदूरों ने इसका भयंकर विरोध किया। परंतु उसके बावजूद भी प्रबंधन अपनी उकसावेपूर्ण कार्यों को नहीं रोक रहा है। कैंटीन के खाने में आ रही लगातार समस्याओं जिसमें की खाने के अंदर कीड़े व कोकरोच मिलना अब आम बात हो गई है।

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यूनियन का आरोप

बेलसोनिका मज़दूर यूनियन का आरोप है कि प्रबंधन मज़दूरों को यूनियन के खिलाफ भड़काने चाहता है।

  • यूनियन को मजदूर की नजर में गिराना।
  • मजदूर – मजदूर के बीच में आपसी मतभेद पैदा करना।
  • प्रबंधन यूनियन का दायरा संकुचित करने के प्रयास कर रहा है।
  • यूनियन के कार्य करने में बाधा पैदा कर रहा है
  • झूठे दस्तावेज पर भर्ती होने के नाम पर इंक्वायरी बैठाना जोकि छंटनी की ओर इशारा है।
  • कैजुअल व परमानेंट की आपस में जो शिफ्ट चेंज होती थी उसको बंद करने का फरमान सुनाया गया।
  • फीफो व लीफो की सहमति को प्रबंधन द्वारा तोड़ा गया।
  • छोटी-छोटी गलतियों पर वर्करों को कारण बताओ नोटिस और सस्पेंड करने की कार्यवाही प्रबंधन द्वारा शुरु की गई।

  • एयर वॉशर अप्रैल से चलाने थे उसको समय से नहीं चलाया गया। इस पर बात करने की सहमति बनी थी 21 जुलाई को जोकि अभी तक भी बातचीत नहीं हुई है।
  • यूनियन के साथ किसी भी मुद्दे पर सहमति ना बनाकर उसकी सिर्फ सूचना यूनियन को देना जैसे कैंटीन के ₹64 की बढ़ोतरी की जानकारी देना जबकि 21 जुलाई को सहमति बनी थी कि इस का समाधान 31 जुलाई तक कर दिया जाएगा जोकि अभी भी पहले से खराब स्थिति में है, इसी तरीके से बस के स्टॉप में एकतरफा फेरबदल करना।
  • यूनियन गतिविधियों में अवरोध पैदा करना।
  • परमानेंट को हटाकर नीम, डी टी ई, अप्रेंटिस नए-नए कैजुअल आदि को लगाना।
  • रूटीन में होने वाले वर्कर्स/यूनियन के कामों को भी समय पर ना करना।

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