यूपी में कैसा रामराज? शिक्षकों के 971 पदों में केवल 8 आदिवासियों के लिए, हिन्दी के 80 पदों में एक भी नहीं!

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By अनिल चमड़िया

राष्ट्रपति महिला आदिवासी के बनने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है लेकिन उत्तर प्रदेश में शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की बहाली में सामाजिक वर्गों के लिए निर्धारित आरक्षण को कम से कम देने के नए नए तरीके भी तैयार हो रहे हैं।

खासतौर से आदिवासियों के लिए निश्चित जगह को किस किस तरीके से निष्प्रभावी बनाया जा रहा है, इसका एक उदाहरण उत्तर प्रदेश है।

यहां उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग प्रयागराज द्वारा प्रदेश के अशासकीय अनुदानित 194 महाविद्यालयों के लिए विभिन्न विषयों के 917 (अस्सिटेंट प्रोफसेर) सहायक आचार्य पदों पर नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन संख्या 51 है।

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कुल 37 विषयों हेतु 917 पदों के लिए विज्ञापन, बाकायदा आयोग द्वारा निकाला गया है। ये सरकार द्वारा अनुदान पाने वाले महाविद्यालय हैं। इसके लिए आयोग परीक्षा आयोजित करेगा। इंटरव्यू आयोजित करेगा।

सफल असफल उम्मीदवारों की घोषणा करेगा और महाविद्यालयों के लिए बहाल करेगा। इन नियुक्तियों में उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की ही यहां भूमिका देखी जा सकती है।

लेकिन 37 विषयों के कुल 971 पदों में सामाजिक वर्गों के लिए मसलन पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जन जाति और अनुसूचित जन जाति के लिए आरक्षण का निर्धारण कुल 971 पदों के आधार पर नहीं किया गया है।

महाविद्यालयों में भी सामाजिक वर्गों व गरीब सवर्णों के नाम पर दिए जाने वाले आरक्षण की स्थिति का विश्लेषण करें तो आरक्षण को कम से कम करने की कवायद देखी जा रही है।

इसमें सबसे हैरान करने वाली स्थिति अनुसूचित जन जातियों अर्थात आदिवासियों को दिए जाने वाले आऱक्षण की है।

194 महाविद्यालयों में सैतीस विषयों के 971 पदों में कुल 8 पदों को आदिवासियों के लिए आरक्षित किया गया है।

इनमें तीन महाविद्यालयों के रसायन विभाग में तीन , वनस्पति विज्ञान में दो पद और वाणिज्य , समाज शास्त्र , राजनीति विज्ञान में 1 पद आरक्षित किया गया है।

आदिवासियों के लिए आऱक्षित महाविद्यालयों , विषयों और पदों की संख्या का विवरण इस प्रकार है-

  • सुल्तानपुर में कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान में रसायन विज्ञान के तीन पदों में एक पद
  • एस एम कॉलेज चंदौसी में वाणिज्य के तीन पदो में 1
  • देव नगरी क़लेज मेरठ में वनस्पति विज्ञान के तीन पदो में 1
  • एस एस वी कॉलेज हापुड़ में राजीनति विज्ञान के 4 पदो में 1
  • आगरा स्थित बैकुण्ठी देवी कन्या महाविद्यालय वनस्पति विज्ञान के 1 पद में 1
  • जालौन के दयानंद वैदिक कॉलेज उरई में रसायन विज्ञान के 3 पदो में 1
  • स्नातकोतर महाविद्यालय पट्टी , प्रतापगढ़ रसायन विज्ञान के 4 पदो में 1
  • प्रतापगढ़ के ही मुनीश्वर दत्त स्ना. महाविद्यालय में समाज शास्त्र के 2 में से 1 पद आदिवासियों के लिए आरक्षित हैं।

आयोग ने कुल 971 पदों में से विषय वार पदों की कुल संख्या में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी , दिव्यांग और महिलाओं के लिए आरक्षित पदों की घोषणा की है।

लेकिन जहां महाविद्यालयों में विषय वार पदों की संख्या का उल्लेख किया गया है वहां विषयवार पदों के अनुसार सामाजिक वर्गों के लिए पदों के आरक्षण का उल्लेख किया है।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार और चिंतक हैं।)

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