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बिजली निजीकरण के विरोध में 1 जून को काला दिवस मनाएंगे 15 लाख बिजली कर्मचारी

निजीकरण के बिल के विरोध में पूरे दिन काली पट्टी बांधेंगे और विरोध सभा करेंगे

केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट ) बिल 2020 का मसौदा इस महामारी के बीच 17 अप्रैल को जारी किया है और केंद्र सरकार इसे संसद के मानसून सत्र में जुलाई में पारित करा सकती है।

बिल को लेकर बिजली कर्मचारियों में खासा आक्रोश है। इसके विरोध में देशभर के लगभग 15 लाख बिजली कर्मचारी 1 जून को काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का कहना है कि यह बिल पारित हो जाने के बाद बिजली का नया कानून आ जाएगा, जिसमें किसी भी उपभोक्ता यहां तक कि किसानों को भी बिजली न मुफ्त मिलेगी और न ही सस्ती मिलेगी।

नए कानून के अनुसार बिजली दरों में मिलने वाली सब्सिडी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और किसानों सहित सभी घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली की पूरी लागत देनी होगी।

समिति का कहना है कि मोदी सरकार कोरोना महामारी के समय में धोखे से पूरे बिजली विभाग को ही ख़त्म कर इसका निजीकरण कर देना चाहती है।

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