भारत-चीन सीमा से लापता मज़दूरों के लिए चलाया गया बचाव अभियान हुआ निलंबित

अरुणाचल प्रदेश के कुरुंग कुमे जिले में में भारत-चीन सीमा पर सड़क निर्माण स्थल से लापता हुए 19 मजदूरों में से तीन का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान तीन सप्ताह से अधिक समय के बाद रोक दिया गया है। कुरुंग कुमे के उपायुक्त निघी बेंगिया ने बुधवार को यह जानकारी दी।

the print से मिली जनकारी के मुताबिक कुरुंग कुमे के उपायुक्त निघी बेंगिया ने कहा कि बचाव प्रयासों को आधिकारिक तौर पर 1 अगस्त को निलंबित कर दिया गया था।

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डीसी ने कहा कि शेष तीन लापता मजदूरों को बचाने की कोई उम्मीद नहीं है, क्योंकि एसडीआरएफ और पुलिस टीमों ने पहले ही इलाकों की पूरी तरह से तलाशी ली है।

बेंगिया ने कहा कि स्थानों की दुर्गम प्रकृति, खराब मौसम और जहरीले सांपों के खतरे ने भी बचाव अभियान में बाधा डाली। लापता 19 श्रमिकों में से 10 को बचा लिया गया, जबकि पांच मजदूरों के शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिले। अधिकारियों ने बताया कि उनमें से एक फुरक नदी में डूब गया।

असम के रहने वाले मजदूर 5 जुलाई को भारत-चीन सीमा पर सड़क निर्माण स्थल से भाग गए थे, क्योंकि उन्हें कथित तौर पर घर जाने की छुट्टी नहीं दी गई थी। इसके बाद, वे आठ और 11 के दो समूहों में जंगलों के रास्ते पैदल अपने घरों के लिए रवाना हुए।

गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर सड़क निर्माण में लगे हुए मजदूरों को ईद की छुट्टी इनकार किए जाने पर वह साइट से भाग निकले थे, जिसके बाद उनमें से एक की लाश मिली थी, जबकि 18 लापता थे तीन हफ्ते पहले 18 मज़दूरों में से 10 मज़दूरों को जंगलों से तलाश लिया गया था।

यह घटना कुरुंग कुमे जिले के अंतर्गत आने वाले दामिन-हुरी रोड के रणनीतिक निर्माण स्थल की है जहां यह मजदूर Border Roads Organization (BRO) सड़क निर्माण परियोजना में काम कर रहे थे। कोलोरियांग से करीब 200 किलोमीटर दूर दामिन-हुरी सड़क निर्माण स्थल पर 19 मजदूर लगे हुए थे।

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