असंगठित क्षेत्रख़बरेंप्रमुख ख़बरें

पांच दिसम्बर को कर्नाटक बंद, टैक्सी, ऑटो और प्राइवेट बसें नहीं चलेंगी

चालकों के लिए वेलफ़ेयर बोर्ड बनाने की मांग पर यूनियनें एकजुट हुईं

कर्नाटक में ऑटो रिक्शा और कैब यूनयिनों ने पांच दिसम्बर को बंद का आह्वान किया है। विभिन्न टैक्सी यूनियनों ने राज्यव्यापी इस बंद का समर्थन किया है।

द न्यूज़ मिनट समाचार वेबसाइट के अनुसार ये बंद कन्नड़ समर्थक समूहों ने बुलाया है। असल में कन्नड़ड चालुवेली वाटल पक्ष के अध्यक्ष वाटल नागराज समेत अन्य कन्नड़ समर्थक समूह राज्य की बीएस येद्दयुरप्पा की बीजेपी सरकार की ओर से मराठा डेवलपमेंट बोर्ड के लिए 50 करोड़ रुपये मंज़ूर किए जाने पर नाराज़ हैं।

यूनियनों का कहना है कि बासावकाल्यान उपचुनाव जीतने के लिए येद्दयुरप्पा सरकार ने ये विभाजनकारी कदम उठाया है। उन्होंने मांग की है कि अगर सरकार सभी ग्रुपों, जातियों, समूहों के विकास के लिए इतनी संवेदनशील है तो उसे सबसे पहले ऑटो रिक्शा चालकों और कैब चालकों के कल्याण के लिए बोर्ड बनाना चाहिए।

ये मामला राज्य में तूल पकड़ता जा रहा है क्योंकि इस बंद को बार मालिकों ने भी समर्थन तिया है। कर्नाटक स्टेट बार ओनर्स एसोसिएशन ने कहा है कि पांच दिसम्बर को राज्य के सभी बार बंद रहेंगे।

जबकि होटल एसोसिएशन और पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने कहा है कि वे इस बंद का समर्थन नहीं करते।

कर्नाटक पीस ऑटोरिक्शा ड्राईवर्स एसोसिएशन से जुड़े राघू ने कहा कि 2010 से ही चालकों के कल्याण के लिए एक बोर्ड बनाए जाने की मांग हो रही है लेकिन इतने सालों में कुछ नहीं हुआ जबकि अब जब चुनाव जीतना है तो बीजेपी सरकार ने मराठा डेवलपमेंट बोर्ड लेकर आई है।

शुक्रवार को बंद के बारे में फैसला लेने के लिए बुलाई गई बैठक में ओला, उबर टैक्सी की यूनियनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए और उन्होंने बंद का समर्थन देने की बात कही है। प्राईवेट बस चालक भी इसके समर्थन में आ गए हैं लेकिन सरकारी परिवहन सेवा की यूनियनों ने कहा है कि 26 नवंबर को वे इस बावत फैसला करेंगी।

(वर्कर्स यूनिटी स्वतंत्र निष्पक्ष मीडिया के उसूलों को मानता है। आप इसके फ़ेसबुकट्विटर और यूट्यूब को फॉलो कर इसे और मजबूत बना सकते हैं। वर्कर्स यूनिटी के टेलीग्राम चैनल को सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button
Close
Enable Notifications    OK No thanks