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बस के झटकों में छह महीने की गर्भवती महिला मजदूर ने दिया जुड़वां बच्चों को जन्म, दोनों की मौत

लॉकडाउन की तंगी से मजबूर होकर 40 मजदूर सवा लाख रुपये किराया देकर निजी बस में जा रहे थे हापुड़ से पश्चिमबंगाल

By आशीष सक्सेना

लॉकडाउन के बाद एक के बाद एक हृदय विदारक घटनाओं में एक और हादसा जुड़ गया। सरकार का सहारा न मिलने से मजदूर दंपति की खुशियां बीच रास्ते तकलीफों के गड्ढों में झटके खाकर बिखर गईं।

शनिवार 23 मई को हापुड़ से पश्चिम बंगाल जाने के लिए मजदूरों ने सवा लाख रुपये पर एक निजी बस को किराए पर लिया था। बस में करीब 40 मजदूर सवार थे। बस में फातिमा नाम की एक गर्भवती महिला भी थी।

रविवार को जब बस बरेली के बिथरी चैनपुर इलाके में पहुंची ही थी कि महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इस बीच बस में सवार लोगों ने बस को रोक लिया। महिला ने बस में ही जुड़वा बच्चों को जन्म दिया।

महिला जिला अस्पताल आए महिला के पति ने बताया कि एक बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई। दूसरे बच्चे को वह महिला अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां कुछ देर बाद उसकी भी मौत हो गई।

महिला जिला अस्पताल की एएमओ डा. वर्षा ने बताया कि महिला ने 6 माह में ही प्रसव पीड़ा होने के बाद मृत जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। अब महिला का कोरोना टेस्ट कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद महिला को पश्चिम बंगाल के लिए रवाना किया जाएगा।

महिला फातिमा के पति मिथुन मियां ने बताया कि वह हापुड़ में ईंट भटटे पर काम करता था, लेकिन लॉकडाउन होने के कारण भट्टा दो महीने से बंद है, जिस कारण परेशानी होने लगी थी।

मिथुन ने बताया कि पश्चिम बंगाल जाने के लिए आवेदन भी किया था लेकिन सरकार से कोई मदद नहीं मिली तो 40 लोगों ने मिलकर चंदा कर सवा लाख रुपयों जुटाए और 23 मई को देर शाम लगभग 4 बजे बस से घर के लिए निकल पड़े। फिलहाल बस मिथुन और उसकी पत्नी को छोडक़र भेज दी गई है।

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