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मध्यप्रदेश सीमा पर भूखे प्यासे मजदूरों का हंगामा, पुलिस ने किया लाठीचार्ज, लखनऊ सीमा पर भी तनाव

बस से भेजने के वादे पर एमपी बॉर्डर पर लगा था 20 किलोमीटर लंबा जाम, लखनऊ में सात किलोमीटर लंबी कतारें

 

प्रवासी मजदूरों की घर वापसी में केंद्र और राज्य सरकारों ने असंवेदनशीलता की हदें पार करना शुरू कर दी हैं। यूपी-एमपी सीमा पर रक्सा के पास रातभर निकलने की राह देख रहे हजारों प्रवासी मजदूरों का रविवार सुबह सब्र का बांध टूट गया।

मजदूरों ने खाना मांगने से साथ बॉर्डर पार करने को हंगामा किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ दिया। मजदूरों का पारा चढऩे पर प्रशासन ने जाम खोलकर उन्हें जाने की इजाजत दी।

इधर, रविवार दोपहर तक लखनऊ सीमा सील करने से कानपुर हाईवे पर लगभग दस किलोमीटर जाम लग गया है और गर्मी से बेहाल भूखे-प्यासे मजदूरों को जांच और क्वारंटीन करने के नाम पर रोका हुआ है। मजदूरों से निपटने के लिए पुलिस फोर्स के अलावा पीएसी भी तैनात कर दी गई है।

यूपी-एमपी बॉर्डर पर शनिवार रात विभिन्न प्रदेशों से आने वाले हजारों मजदूरों के वाहनों को पुलिस ने रोक दिया। प्रशासन का कहना था कि जो भी पैदल जा रहे, वे उन्हें बसों में बैठाकर भेजेंगे।

कई घंटे तक न बसें आईं उन्हें लेने और खाना भी नहीं मिला तो मजदूरों ने जाने की अनुमति देने को कहा। तब तक कोटा शिवपुरी हाइवे पर वाहनों की करीब 15-20 किमी लंबी कतारें लग चुकी थीं और सुबह होने को आई। 12 घंटे से सड़कों पर बैठे मजदूरों का पारा चढ़ गया। मजदूरों को तितर बितर कर भगाने को पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।

रात 11 बजे से लेकर अब तक यूपी-एमपी सीमा पूरी तरह से सील है। जाम में फंसे मजदूरों का कहना है कि उन्हें रात के 11 बजे से लेकर अब तक बॉर्डर पर रोक रखा है। यूपी पुलिस हमें आगे नहीं बढऩे दे रही है। मजदूरों को खदेड़े जाने के बाद सरकारी बसें बॉर्डर पर पहुंचीं।

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