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उत्तरप्रदेश: बरेली में खेत मजदूर यूनियन ने किया प्रदर्शन, बीटीयूएफ ने दिया ज्ञापन

लॉकडाउन के चलते नौ अगस्त को नहीं बन सके थे देशव्यापी प्रदर्शनों का हिस्सा, खेमयू ने गांव में किया था प्रदर्शन

उत्तरप्रदेश में रविवार को लॉकडाउन होने के चलते ट्रेड यूनियनें देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और हड़ताल में भागीदारी करने के महरूम रहीं। कुछ जगह सांकेतिक प्रदर्शन किया गया। खेत मजदूर यूनियन ने देहात में प्रदर्शन किया। नौ अगस्त के एवज में सोमवार को यूनियनों ने विरोध दर्ज कराया।

बरेली में खेत मजदूर यूनियन, सीआईटीयू ,किसान सभा ने संयुक्त रुप से देशव्यापी ‘कारपोरट से देश बचाओ ,खेती बचाओ’ अभियान के तहत दो घंटे सत्याग्रह कर सेठ दामोदर स्वरूप पार्क से कलेक्ट्रेट तक जूलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।

खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश सचिव राजीव शांत ने बताया कि ज्ञापन में मनरेगा में 200 दिन काम व 600 रुपये मजदूरी देने, शहरी मजदूरों के लिए मनरेगा की तरह योजना लागू करने, श्रम कानूनों को बहाल करने ,आयकर दायरे से बाहर समस्त परिवारों को 6 माह तक 7500 रुपये प्रति माह आर्थिक मदद देने व 6 माह तक 10 किलो राशन मुफ्त देने ,कृषि व विद्युत अध्यादेश वापस लेने ,कोरोना काल के बिजली बिल माफ करने ,निजीकरण रोकने की मांग की गई है। सत्याग्रह व जुलूस का नेतृत्व राजीव शान्त, नरेंद्र लाल, शंकरलाल, बन्ने अली ने किया।

केंद्रीय श्रम संगठनों की ओर से जुटे बीटीयूएफ प्रतिनिधि

केंद्रीय श्रम संगठनों के प्रतिनिधित्व बतौर इंटक, एटक और सीटू के पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया।

प्रतिनिधिमंडल ने श्रम सुधारों को मजदूर विरोधी बताकर कोरोना काल में सबको मुफ्त इलाज देने और आयकर कर की श्रेणी में न आने वाले कर्मचारियों को तत्काल 7500 रुपये देने की मांग की।

एटक के जिलाध्यक्ष और बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने सरकार के सार्वजिनक उपक्रमों बैंक, बीमा, रेल, रक्षा, बिजली, कोयला आदि के निजीकरण को देश के साथ धोखा बताया।

उन्होंने कोरोना से मुकाबला कर रहे अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों डॉक्टर्स, नर्स, बैंक कर्मचारियों, पत्रकारों, आशा और आगनवानी वर्कर्स और सफाई कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण देने व उनकी सुरक्षा के उपाय की मांग की।

सीटू के जिला अध्यक्ष मुहम्मद इसरार ने मनरेगा में 100 दिन काम देने, बेरोजगारी दूर करने के वायदे को पूरा करने और समान काम के किया समान वेतन देने की मांग की। इस दौरान एटक के जिला मंत्री विराट कन्नौजिया, इंटक के वसीम खां और मोहम्मद हुसैन आदि शामिल रहे।

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