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मजदूर वर्ग पर हमले के ख़िलाफ़ अलवर में ट्रेड यूनियनों का प्रदर्शन

सार्वजनिक उद्यमों के निजीकरण और पेट्रो पदार्थों की महंगाई को बताया सरकारी लूट

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर तीन जुलाई को देशभर में प्रदर्शन की कड़ी में राजस्थान के अलवर जिला मुख्यालय पर भी विरोध दर्ज कराया गया।

जिला एटक सहित एटक से संबद्ध जिला राजमिस्त्री मजदूर यूनियन, राजस्थान स्टेट रोडवेज एंप्लाइज यूनियन, बिजली वर्कर्स फेडरेशन, कालर्स बर्ग इंडिया वर्कर्स यूनियन ने जिला कलक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।

विरोध प्रदर्शन कर ट्रेड यूनियनों ने मुख्य रूप से श्रम कानूनों मे किए जा रहे परिवर्तन ,सरकारी उद्योग बेचने या निजीकरण करने और डीजल पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के विरोध में आवाज उठाई।

यूनियनों ने श्रमिकों को बंधुआ बनाने की कोशिश रोककर ठेका, अनुबंध, संविदा प्रथा समाप्त करने की मांग की जिससे सभी क्षेत्रों को स्थायी रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक उद्योगों को बेचने और पेट्रो पदार्थों की महंगाई को सरकारी लूट बताया, जबकि आमजन महामारी के बीच लॉकडाउन से पहले ही बर्बाद हो चुके हैं।

प्रदर्शन में एटक के जिला महासचिव तेजपाल सैनी,भोलाराम शर्मा, राजकुमार बख्शी, गजराज सिंह, कालीचरण ,राकेश तिवाड़ी, बनवारी लाल ,राजेन्दर सैनी मनमोहन सैनी आदि मौजूद रहे।

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