यूरोप किसान आंदोलन : फ़्रांस में किसानों ने फूड मार्केट और हवाई अड्डों कि घेराबंदी की, 91 किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार किया

यूरोप किसान आंदोलन : फ़्रांस में किसानों ने फूड मार्केट और हवाई अड्डों कि घेराबंदी की,  91 किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार किया

फ़्रांस में किसानों का आंदोलन लगातार बढ़ता ही जा रहा है. किसानों ने देश के कई राजमार्गों सहित अब हवाई अड्डों की घेराबंदी करने लगे है.

पेरिस के प्रसिद्ध रूंगिस फूड मार्केट पर किसानों के कब्ज़ा करने के प्रयासों के बीच करीब 91 किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

फ्रांसीसी सरकार में मंत्री गेराल्ड डारमनिन ने इस घटना के बाद अपना बयान जारी करते हुए कहा कि ‘रूंगिस बाजार और हवाई अड्डों पर कब्ज़ा जमाने के ये प्रयास हमारे लिए खतरे कि घंटी है.’

मिडिया आ रही ख़बरों के मुताबिक पेरिस के पास रूंगिस फूड मार्केट को किसानों के कब्ज़े से निकालने के दौरान 90 से अधिक व्यक्तियों को पकड़ा गया है.

पेरिस के पुलिस प्रमुख लॉरेंट नुनेज ने कहा “हम सार्वजनिक आदेश के उल्लंघन और पुलिस अधिकारियों पर हमले बर्दाश्त नहीं करेंगे. प्रदर्शनकारियों पर करवाई से अब हम पीछे नहीं हटने वाले.”

वही किसान संगठनों का कहना है कि ” सरकार हमारी मांगों को नहीं सुन रही ऐसे में हमारे पास रास्ते नहीं बचे हैं. हम अपनी खेतों के बड़े मशीनों से देश की सड़कों को घेर लेंगे. कॉर्पोरेट परस्त इन बाज़ारों को हम नहीं चलने देंगे.”

वही मंत्री गेराल्ड डारमनिन का कहना है कि ” किसानों के हिंसक प्रदर्शनों को हम देश कि सुरक्षा के खिलाफ मानते हैं. रूंगिस फूड मार्केट और हवाई अड्डों पर कब्ज़े की कोशिश हमारे लिए खतरे के निशान हैं. हमने पुलिस को कहा है कि इनसे निपटने के पूरी तैयारी करें. सुरक्षा के लिए बख्तरबंद वाहनों और हेलीकॉप्टरों को नियुक्त किया जायेगा.”

ख़बरों की माने तो देश भर में लगभग 40 जगहों पर किसानों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है. देश की खुफिया विभाग ने इन प्रदर्शनों पर अपनी पैनी नज़र बना रखी है.

मालूम हो बीते 25 जनवरी से किसान देश भर में सरकारी भवनों के सामने, राजमार्गों को खाद और कचरे से जाम कर रखा है.

27 जनवरी को फ्रांसीसी नेशनल फेडरेशन ऑफ एग्रीकल्चर यूनियनों (FNSEA) ने बताया कि ‘72,000 से अधिक किसानों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है. 41,000 से भी अधिक ट्रैक्टरों ने देश के राजमार्गों को जाम कर दिया है. जो ये बताने के लिए काफी है की किसानों में सरकार की कृषि नीतियों के साथ कितना असंतोष व्याप्त है.’

FNSEA के अध्यक्ष अरनौद रूसो ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले समय में ये विरोध प्रदर्शन और ज्यादा बढ़ेंगे.

फिलहाल यूरोप के कई देशों में किसानों द्वारा आयातित कृषि उत्पादों के विरोध, सिंचाई के लिए पानी के उपयोग पर सीमाएं, डीजल ईंधन की बढ़ती लागत, और प्रतिबंधात्मक पर्यावरण संरक्षण उपायों, बढ़ते वित्तीय बोझ सहित सरकारी नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किये जा रहे हैं.

फ़्रांस की दो सबसे बड़ी कृषि यूनियनों के प्रमुखों ने हाल ही में कहा कि “राजधानी की अनिश्चितकालीन घेराबंदी शुरू करेंगे.राजधानी पेरिस को जाने वाली सभी प्रमुख सड़कों पर किसानों द्वारा कब्जा कर लिया जाएगा.”

(अलमयादीन. नेट की खबर से साभार)

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Abhinav Kumar

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