बिहार: रेलवे नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन के बाद, सरकार ने पटना के कुछ हिस्सों में लगाया धारा 144

बिहार: रेलवे नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन के बाद, सरकार ने पटना के कुछ हिस्सों में लगाया धारा 144

पटना में बीते दिनों रेलवे में नौकरी की तैयारी करने वाले हज़ारों छात्रों द्वारा प्रदर्शन करने के बाद प्रदेश की नितीश सरकार ने धारा 144 लागू कर दी है.

मालूम हो कि भारतीय रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा जारी 2024 की आधिकारिक अधिसूचना से छात्र नाखुश हैं. इस अधिसूचना द्वारा रेलवे में सहायक लोको पायलट के 5,696 पदों के लिए आवेदन माँगा गया है.

हजारों रेलवे नौकरी अभ्यर्थियों के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने बुधवार को पटना के कुछ हिस्सों में सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी.

इस कार्रवाई को रेलवे नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के संभावित विरोध को दबाने के एक उपाय के रूप में देखा जा रहा है.

सोमवार और मंगलवार (29 और 30 जनवरी) को पटना के विभिन्न हिस्सों में रेलवे नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन के बाद पटना की सड़कों पर यातायात घंटों तक बाधित रहा. जिसके बाद प्रशासन द्वारा 31 जनवरी से 5 फरवरी तक पटना सदर डिवीजन और पटना सिटी में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है.

नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों ने पटना के मध्य में गांधी मैदान के पास कारगिल चौक, अशोक राजपथ, भिखना पहाड़ी और लंगर टोली सहित विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया.

जिला प्रशासन ने धरना देने, सड़क जाम करने और भड़काऊ भाषण देने पर प्रतिबंध लगा दिया है. प्रशासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, इलाकों में पांच से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर भी रोक लगा दी गई है.

बिहार पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, रेलवे में नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस अलर्ट पर है. रेलवे स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों के पास रेलवे ट्रैक और सरकारी भवनों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.

पुलिस अधिकारी ने कहा “प्रशासन द्वारा लगाई गई धारा 144 के मद्देनजर इस अवधि के दौरान युवाओं और छात्रों द्वारा किसी भी विरोध, धरने या जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.”

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर सरकारी कॉलेजों और निजी होटलों और लॉज में रहने वाले छात्र थे, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार ‘15,000 से अधिक रेलवे नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों, जिनमें से ज्यादातर लोको पायलट की नौकरी की तैयारी कर रहे युवा थे, ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया. उन्होंने सहायक लोको पायलट के पद पर 6,000 से कम रिक्तियां निकाले जाने के खिलाफ प्रदर्शन किया.’

ख़बरों की माने तो भर्ती के लिए पदों की संख्या बढ़ाने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए रेलवे नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों का विरोध एक या दो दिन में पूरे बिहार में फैलने की संभावना है.

(न्यूज़क्लीक की खबर से साभार)

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Abhinav Kumar

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