पंजाब में महिला सफ़ाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज से भारी गुस्सा, ‘आप’ सरकार ने सैलरी 20,500 रुपये की

पंजाब में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों पर बर्बर पुलिस लाठी चार्ज के बाद दबाव में आई भगवंत मान सरकार ने सैलरी बढ़ाने का एलान किया है।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, सफ़ाई कर्मचारी यूनियन के मुताबिक, कम सैलरी की वजह से वे 8 जुलाई, 2026 से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर थे। इसके अलावा, कर्मचारियों ने सोमवार, 27 जुलाई को पंजाब में बंद का भी आह्वान किया था।
कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सैलरी बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के सभी सफ़ाई कर्मचारियों और सीवरमैन की सैलरी बढ़ा दी है, जो 1 अगस्त से लागू होगी।
इसमें वे सभी कर्मचारी शामिल हैं जो अभी कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “पहले इन कर्मचारियों की सैलरी लगभग साढ़े दस हज़ार रुपये थी, जिसे पिछले महीने बढ़ाकर 14 हज़ार रुपये कर दिया गया था। अब इसे बढ़ाकर 20,500 रुपये करने की घोषणा की गई है, जो एक स्थायी सफ़ाई कर्मचारी की प्रोबेशन अवधि की सैलरी के बराबर है।”
दिलचस्प बात है कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने राज्य की सत्ता में आने से पहले वादा किया था कि सभी ठेका सफ़ाई कर्मचारियों को परमानेंट किया जाएगा, लेकिन यह वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि सफ़ाई कर्मचारी यूनियनों के साथ उनकी अन्य समस्याओं पर चर्चा करने के लिए एक बैठक हुई थी और कॉरपोरेशन से जुड़ी ज़्यादातर यूनियनों ने हड़ताल वापस ले लिया है।
इससे पहले, बरनाला में महिला सफ़ाई कर्मचारियों पर पुलिस लाठीचार्ज के मामले में डीएसपी सतवीर सिंह बैंस को सस्पेंड कर दिया गया।
पंजाब डीजीपी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, बरनाला के डीएसपी सतवीर सिंह बैंस को सस्पेंड करने का फ़ैसला पटियाला रेंज के डीआईजी की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया।
बरनाला डीएसपी सतवीर सिंह बैंस को महिला सफ़ाई कर्मचारियों पर बेरहमी से लाठी मारते हुए वीडियो वायरल हो रहा है।
सस्पेंशन के दौरान, डीएसपी को मोहाली में मुख्यालय में रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया था।
पंजाब के किसानों ने बरनाला में पुलिस लाठीचार्ज का सामना करने वाले दलितों को समर्थन देने की घोषणा की है।
पुलिस लाठीचार्ज से भारी आक्रोश
पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज का काफ़ी विरोध हुआ था। जिसके बाद अब पंजाब पुलिस की ओर से यह कार्रवाई देखने को मिली। हालाँकि, प्रशासन का कहना है कि उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की है।
पंजाब राज्य महिला आयोग ने पंजाब पुलिस से इस मामले की जांच करने, संबंधित पुलिसकर्मियों की पहचान करने और 28 जुलाई तक रिपोर्ट भेजने को कहा है।
आयोग ने कहा, “बीबीसी न्यूज़ चैनल पर प्रकाशित खबर के आधार पर हमारे संज्ञान में आया है कि पुलिसकर्मियों ने महिला सफाई कर्मचारियों पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया, जो बहुत अपमानजनक है।”
आयोग ने पंजाब पुलिस मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी से जांच करने, संबंधित पुलिसकर्मियों की पहचान करने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने को कहा है।
बरनाला के डीएसपी सतवीर सिंह बैंस ने कहा था कि पुलिस की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार शहर की सफाई करवाना है।
सफाई कर्मचारियों ने बरनाला लाठीचार्ज मामले को लेकर 23 जुलाई को विरोध मार्च भी निकाला था। सफाई कर्मचारी यूनियनों ने पंजाब के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
बरनाला में घायल सफ़ाई कर्मचारियों के समर्थन और पुलिस की कार्रवाई के विरोध में, ‘डेमोक्रेटिक राइट्स सभा’ के बुलावे पर कई सार्वजनिक और लोकतांत्रिक संगठनों ने अनाज मंडी में एक रैली की।
रैली के बाद, प्रदर्शनकारियों ने बाज़ारों से होते हुए एक विरोध मार्च निकाला और पंजाब सरकार व बरनाला पुलिस के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की।
बीबीसी के अनुसार, रैली को ‘डेमोक्रेटिक राइट्स सभा’ के ज़िला अध्यक्ष सोहन सिंह माझी, ‘रिवोल्यूशनरी सेंटर’ के नेता नारायण दत्त, ‘ज़मीन प्राप्ति संघर्ष समिति’ के मुकेश मलौद, ‘मनरेगा मज़दूर यूनियन’ के खुशियां सिंह और अन्य नेताओं ने संबोधित किया।

नेताओं ने आरोप लगाया कि 22 जुलाई को बरनाला पुलिस की कार्रवाई के दौरान पुरुषों और महिलाओं के साथ बर्बरता की गई और कई कर्मचारी घायल हो गए।
उन्होंने कहा कि सफ़ाई कर्मचारी कम वेतन पर काम करते हैं और अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई की न्यायिक जांच की मांग की और कहा कि ज़िम्मेदार पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए।
(सभी तस्वीरें बीबीसी पंजाबी से साभार)
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