BJP विधायक ने सरकारी अस्पताल बेचने की चिट्ठी लिखी, उसे अपने ही ख़िलाफ़ बयान देना पड़ा

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उत्तराखंड के देवायल व देघाट के सरकारी अस्पताल को निजी हाथों में दिए जाने के प्रस्ताव का जमकर विरोध हो रहा है।

बीते एक सितंबर से सल्ट विकास संघर्ष समिति इस आंदोलन की अगुवाई कर रही थी और पांच सितम्बर को जब सल्ट के विधायक सुरेन्द्र सिंह जीना ने 15 सूत्रीय मांगों को मानने का वादा किया तब आंदोलनकारियों ने धरना स्थगित हो गया।

गौरतलब है कि सल्ट के विधायक सुरेन्द्र सिंह जीना ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर उक्त दोनों सामुदायिक चिकित्सा केंद्र हल्द्वानी के कल्याण अस्पताल को दिए जाने की सिफारिश की थी।

विधायक के इस पत्र के बाद क्षेत्र की जनता का आक्रोश फूट पड़ा था और जनता ने सल्ट विकास संघर्ष समिति का गठन करके उक्त दोनों अस्पतालों के निजीकरण को रद्द करने समेत 15 सूत्रीय मांगों को लेकर सल्ट तहसील मुख्यालय पर अनिश्चित कालीन धरना प्रारम्भ कर दिया था।

समिति की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, पांच सितंबर को खुमाड़ के शहीदों को श्रद्धांजलि देने विधायक सुरेन्द्र सिंह जीना सल्ट पहुंचे थे। श्रद्धांजलि देने के बाद वे मौलेखाल तहसील धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने आंदोलनकारियों से मुलाकात की।

जन असंतोष को देखते हुए आखिर उन्हें अपने लिखे पत्र से उलट इसे न मानने का वादा करना पड़ा।

बढ़ते जनाक्रोश के कारण हालत ये हो गई कि उन्हें खुद कहना पड़ा कि देवायल व देघाट के अस्पतालों को हल्द्वानी के कल्याण हॉस्पिटल को देने हेतु जो प्रक्रिया चलाई जा रही है उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा।

साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि एक जनवरी से अस्पताल में सभी लोगों को एक्सरे की सुविधा मिलनी प्रारंभ हो जायेगी तथा देघाट व देवायल के सामुदायिक चिकित्सालयों में मानकों के अनुरूप डॉक्टरों, स्टाफ व चिकित्सीय उपकरणों को उपलब्ध कराये जाने हेतु तत्काल विज्ञप्ति जारी की जाएगी।

हालांकि संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल देवायल व देघाट के अस्पतालों में मनकों के अनुरूप चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई गईं तो क्षेत्र की जनता पुनः आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

कांग्रेस के सांसद प्रदीप टम्टा, गंगा पंचोली, महिला एकता मंच की ललिता रावत नीमा, कौशल्या चुनियाल, समाजवादी लोक मंच के मुनीष कुमार किसन शर्मा, मदन मेहता, साइंस फॉर सोसायटी के दिगम्बर ने भी धरना स्थल पर जाकर आंदोलन को समर्थन दिया।

आंदोलन में गोविंद बल्लभ उपाध्याय, अमित रावत, मोहन शर्मा, साहिल, सिंह रावत, महिपाल नेगी, वीरेन्द्र शर्मा समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इस दौरान एसडीएम, तहसीलदार समेत बड़ी संख्या में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी धरना स्थल पर मौजूद रहे कार्यक्रम का संचालन संयोजक नारायण सिंह रावत ने किया।

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