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मुबंई ऑटो रिक्शा यूनियन ने मांगा ‘कोरोना भत्ता’, किराए में 2 रु. बढ़ाने की मांग

ऐसे समय में जब नौकरियां जा रही हैं, रिक्शा चालकों ने रखी स्थानीय प्रशासन के सामने मांग

कोरोना के बढ़ते कहर के कारण मुबंई के ऑटो रिक्शा चालक महाराष्ट्र सरकार से अस्थाई समय के लिए किराए में 2 रुपया इज़ाफ़ा करने की मांग कर रहे हैं।

मुबंई रिक्शा यूनियन ने महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब को पत्र लिखकर अपनी मंशा जता दी है।

मुबंई लाइव को दिए साक्षात्कार में ऑटो रिक्शा यूनियन ने एक नेता ने बताया कि, “फाइबर ग्लास और सैनिटाइजरर का खर्च रिक्शा चालक को खुद ही उठाना पड़ता है। यदि किराए में सरकार 2 रुपया इज़ाफ़ा कर देगी तो यात्रियों को सुरक्षित यात्रा करा सकेंगे और बीमारी को रोकने में आसानी होगी”।

मौज़ूदा समय में सरकार ने जरुरी काम के लिए एक रिक्शे में दो यात्रियों को बैठने की इज़ाजत दी है।

ऑटो रिक्शा चालकों की बड़ी आबादी कोरोना संक्रमण के चलते हुए लॉकडाउन से प्रभावित हुई है। मुबंई में 2.5 लाख से अधिक रिक्शा चालक हैं। इसमें आधे से ज्यादे प्रवासी मज़दूर हैं।

अचानक लॉकडाउन की घोषणा के चलते इनके हाथ से रातों-रात रोजी रोटी छिन गई। इन्हें पैदल चलकर अपने घर जाना पड़ा।

मज़दूरों की बदहाली की तस्वीरें कई महिनों तक ख़बरों की सुर्खियां बनी थी।

इसमें सबसे अधिक दिहाड़ी मज़दूर प्रभावित हुए थे। इनके हाथ से रोज़गार चला गया था। आमदनी का कोई विक्लप न होने के कारण ये लोग अपने पूरे संसार को सर पर उठा कर धपती धूप में घर के लिए निकल गए थे।

हालांकि लॉकडाउन में मिली छूट के बाद अब मज़दूर वापसी कर रहे हैं।

इस समय कुछ जरूरी काम के लिए लोकल ट्रेनो, बसों, और टैक्सी को चालू कर दिया गया है, जिससे काम पर जाने वाले लोगों को कुछ राहत है।

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