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मज़दूर की चार अंगुलियां कट गईं, 5 साल बाद भी नहीं मिला मुआवज़ा

8 नवंबर 2015 में नंदलाल का कटा था हाथ, प्रबंधन ने बिना मुआवजा के काम से निकाला

फरीदाबाद में 5 अगस्त को नंदलाल नाम के एक मज़दूर को मुआवज़ा दिलाने के लिए मज़दूरों ने डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन किया।

नंदलाल जेपी पॉवर कंपनी, जीवन नगर, गोछी, (फरीदाबाद) में बतौर हेल्पर काम करते थे।

8 नवंबर 2015 को मैनेजमेंट के दबाव के कारण मशीन पर काम कर रहे थे कि मशीन में नंदलाल का बायां हाथ आ गया जिससे उनके अंगूठे सहित चार अंगुलियां कट गईं थीं।

कंपनी मालिक ने नंदलाल का ईएसआईसी कार्ड भी नहीं बनाया था। प्रबंधन ने प्राइवेट अस्पताल में हल्का-फुल्का इलाज कराया और अभी घाव ठीक भी नहीं हुआ था कि उन्हें को काम से निकाल दिया।

अब तो इलाज भी बंद कर दिया है । मैनेजमेंट व कंपनी मालिक की कारगुजारीओं के खिलाफ नंदलाल ने मुआवजा के लिए श्रम विभाग फरीदाबाद में केस दर्ज किया।

20 मार्च 2018 को कोर्ट ऑफ कंपनसेशन ने कंपनी के खिलाफ ऑर्डर देते हुए। 2,82,952 बतौर मुआवजा 60 दिनों के भीतर कंपनी मालिक के द्वारा श्रमिक को भुगतान करने को कहा।

कंपनी मैनेजमेंट ने मुआवजे की रकम का भुगतान नहीं किया तो श्रम विभाग ने इसकी वसूली के लिए डी.सी. कार्यालय को 25 मई 2019 को एक पत्र जारी किया।

15 महीने बाद भी डी.सी. कार्यालय ने मुआवजे की रकम की वसूली के लिए कोई कार्यवाही नहीं की। इस दौरान श्रमिक नंदलाल ने डी.सी. कार्यालय के अनेकों बार चक्कर लगाए।

इंकलाबी मजदूर ने श्रमिक के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए आज का प्रदर्शन कर डी.सी. को शिकायत दी।

डी.सी. की अनुपस्थिति में एसडीएम बड़खल व तहसीलदार गोंछी ने एक सप्ताह के अंदर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।

प्रदर्शन इंकलाबी मजदूर केन्द्र के संजय मौर्य, मुन्ना प्रसाद, जयप्रकाश नितेश के नृतत्व में हुआ।

प्रदर्शन में कई महिला श्रमिक व पुरुष श्रमिकों ने हिस्सा लिया।

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