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मोदी के जन्मदिन पर बेरोजगार मनाएंगे ‘जुमला दिवस’, भगत सिंह के जन्मदिन पर पैदल मार्च

कुछ संगठनों ने राष्ट्रीय बेरोजगारी दिवस मनाने का किया ऐलान, मानसून सत्र के समानांतर चलेगी वर्चुअल युवा संसद

रोजगार के मुद्दे पर युवाओं ने सरकार से आरपार का मोर्चा लेने की ठान ली है। पांच सितंबर के ताली-थाली बजाओ और नौ सिंतबर को लाइट बंद करके मोमबत्ती, टॉर्च, मशाल की रोशनी कर सरकार को चेताने के बाद अब युवा टोलियों ने नए कार्यक्रम की रूपरेखा पेश कर दी है।

रोजगार को मौलिक अधिकार घोषित करने की मांग और रिक्त पदों पर तत्काल भर्तियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 14 सितंबर को जुमला दिवस मनाया जाएगा। कुछ संगठनों ने इस दिन को राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस बतौर मनाने का ऐलान किया है।

कार्यक्रम इससे भी आगे होंगे। इसके बाद संसद के मानसूत्र के समानांतर युवाओं की वर्चुअल संसद चलेगी और शहीद भगत सिंह के जन्मदिन पर इलाहाबाद से लखनऊ के बीच पैदल मार्च निकाला जाएगा।

ये फैसला छात्र और युवा संगठनों की साझा बैठक में लिया गया है। वर्चुअल बैठक में तमाम छात्र-युवा संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। युवा मंच की पहल पर हुई इस बैठक में युवा हल्ला बोल, आइसा, जन जागरण अभियान, बात अधिकार की, युवा शक्ति संगठन, भारत नौजवान सभा, किसान परिवार, राष्ट्रीय विद्यार्थी चेतना परिषद, इंकलाबी छात्र मोर्चा, विद्यार्थी युवजन सभा, निजीकरण व बेरोजगारी विरोधी संगठन समेत देशभर के विभिन्न छात्र, युवा, प्रतियोगी छात्र संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इंकलाबी नौजवान सभा, भारत की जनवादी नौजवान सभा ने भी मुहिम को समर्थन दिया है।

युवा मंच के सह संयोजक ने बताया कि सबने सर्वसम्मति से यह तय किया है कि रोजगार के सवाल पर संसद के मानसून सत्र के पहले दिन राष्ट्रय स्तर पर बड़ा प्रतिवाद आयोजित किया जाएगा और इस दिन ईमेल, ट्विटर, फेसबुक, वाट्सएप से अपने क्षेत्र के सांसदों व प्रधानमंत्री को पत्रक भेज रोजगार को मौलिक अधिकार बनाने की मांग की जाएगी। इसके अलावा रोजगार के सवाल पर वर्चुअल छात्र युवा संसद और फेसबुक लाइव होंगे।

रोजगार बने मौलिक अधिकार मुहिम की मांगें

24 लाख रिक्त पदों पर भर्ती के लिए
– निशुल्क, समयबद्ध, पारदर्शी भर्ती के लिए
– शिक्षा व स्वास्थ्य के अधिकार के लिए
– काले कानूनों के खात्मे और लोकतंत्र की रक्षा के लिए
– हर बेरोजगार को बेकारी भत्ता के लिए
– मानदेय, अस्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण और सम्मानजनक वेतन के लिए
– कुटीर, लघु व कृषि आधारित उद्योगों के विकास लिए
– प्राकृतिक संसाधनों व सार्वजनिक उद्योगों की रक्षा के लिए
– रोजगार सृजन व संसाधन जुटाने हेतु कारपोरेट पर टैक्स के लिए
– कृषि- सहकारी खेती के विकास के लिए
– मनरेगा में सालभर काम व 500 मजदूरी के लिए!
– शहरी रोजगार गारंटी कानून के लिए
– नई पेंशन स्कीम के खात्मे के लिए

वर्चुअल मीटिंग में मुख्य रूप से युवा हल्ला बोल के गोविंद मिश्रा, आइसा के सोनू यादव, इंकलाबी नौजवान सभा के अध्यक्ष राकेश सिंह, डीवाईएफआई के अध्यक्ष सत्यभान सिंह, युवा मंच के अनिल सिंह, जन जागरण अभियान उड़ीसा के मधुसूदन शेट्टी, बिहार से हितेश कुमार, च्बात अधिकार कीज् दिल्ली से रियासत फैज, युवा शक्ति संगठन के गौरव सिंह, भारत नौजवान सभा के अंबुज मलिक, राष्ट्रीय विद्यार्थी चेतना परिषद के मनोज यादव, किसान परिवार के अंशुल उमराव, इंकलाबी छात्र मोर्चा से रामचंद्र, विद्यार्थी युवजन सभा के शैलेश मौर्य, सोनभद्र से जितेंद्र धांगर, वाराणसी से योगिराज सिंह, आजमगढ़ से जयप्रकाश यादव, आगरा से आराम सिंह गुर्जर, पवन पाल, त्रिभुवन नाथ, इलाहाबाद से युवा मंच के विनोवर शर्मा, जेपी कुशवाहा, विश्वविद्यालय में शोध छात्र अनुराग वर्मा, आलोक राजभर आदि मौजूद रहे। संचालन युवा मंच संयोजक राजेश सचान ने किया।

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