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बजाज ऑटो प्लांट में 200 मज़दूर कोरोना पॉज़िटिव, प्रोडक्शन जारी रखने पर अड़ी कंपनी

औरंगाबाद के वाजुल प्लांट की घटना, और मरीज़ों के मिलने की आशंका

औरंगाबाद के वालुज में स्थित बजाज ऑटो प्लांट को सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद अप्रैल के पिछले सप्ताह में चालू कर दिया गया था। लेकिन अब ख़बर आ रही है कि इस प्लांट में काम करने वाले 200 मज़दूर कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।

मिंट में छपी ख़बर के अनुसार, इस बात की पुष्टि शुक्रवार को हुई कि लगभग 200 मज़दूर कोरोना की चपेट में आ गए हैं। वहीं 165 मज़दूर तीन दिन पहले कोरोना संक्रमित पाए गए थे। यानी संक्रमितों का कुल आंकड़ा 200 से अधिक हो गया है।

मिंट को बताया कि, “फैक्ट्री चालू होने के कुछ दिन बाद लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। ये इलाका फैक्ट्रियों से घिरा हुआ है। आने वाले समय में 100 और कोरोना से संक्रमित मरीज़ मिल सकते हैं।”

200 मज़दूरों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद बज़ाज ऑटो प्रबंधन ने शुक्रवार को ऑफिसियल स्टेटमेंट जारी कर के कहा कि, “हमारे यहां कोरोना से संक्रमित पहला व्यक्ति 6 जून को पाया गया था। हमने नियम अनुसार हर एक बर्ताव किए हैं। फैक्ट्री को पूरी तरह से सैनिटाइज कर दिया गया है। मरीजों को आइसोलेशन में रखा गया है। इस घटना से जुड़ी उचित जानकारी प्रबंधन को दे दी गई है।”

बज़ाज ऑटो में एचआर की पद पर काम करने वाले रवि कायरान रामश्यम के हवाले से मिंट ने कहा कि, ‘कंपनी प्रबंधन अपनी तरफ से संक्रमित मरीज़ों को हर मुमकिन मदद मुहैया करा रहा है।’

उन्होंने ने आगे कहा इस हालात के बावजूद भी कंपनी अपना काम ज़ारी रखेगी, “हम हर एक बर्ताव करते हुए धीरे-धीरे अपना काम करते रहेंगे। यदि हम फैक्ट्री को काम नहीं तो वेतन नहीं के नाम पर बंद कर देंगे तो मज़दूरों और सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ेगा”

बज़ाज ऑटो के पुणे के चाकन और उत्तराखंड के पंतनगर प्लांट में कोई मज़दूर कोरोना संक्रमित नहीं पाया गया है।

इसके पहले मारुति सुज़ुकी, होंडा स्कूटर्स एंड मोटरसाइकिल, ट्योटा किरर्लोस्कर और हुंडई मोटर में मज़दूर कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। पर बज़ाज ऑटो के औरंगाबद प्लांट में मरीज़ों की संख्या सबसे अधिक है।

लॉकडाउन में ढील मिलने के बाद कंपनी ने अपने डीलरशिप का काम भी शुरू  कर दिया था।

24 मई को टीएन लेबर में छपी एक खबर के अनुसार, ‘ऑटो सेक्टर कोरोना के मामलों में अगला हॉटस्पॉट के रूप में उभर रहा है। अब तक, गुड़गांव में मारुति सुज़ुकी प्लांट, मानेसर और एमआरएफ़ पुडुचेरी में ऑटो कंपोनेंट निर्माता कंपनी के मज़दूर इसकी चपेट में आ चुके हैं।

लॉकडाउन खुलने के बाद कंपनियों में काम करने वाले वर्करों में कोरोना के मामले तेज़ी से बढ़ते जा रहे हैं। इसके बावजूद कंपनियां मज़दूरों की जान की क़ीमत पर काम कराने पर अमादा हैं।

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