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दिल्ली: बालक राम अस्पताल में महिला कर्मचारी ने की आत्महत्या, दो हफ्तों में एम्स में तीन लोगों ने की आत्महत्या

कौशल्या देवी नाम की महिला कर्मचारी ने 16 जुलाई को अस्पताल की तीसरी मंजिल से कथित रुप से छलांग लगा कर आत्महत्या कर ली थी।

उत्तरी दिल्ली के तीमारपुर स्थित बालक राम अस्पताल में काम करने वाली 53 वर्षीय कौशल्या देवी नाम की महिला कर्मचारी ने 16 जुलाई को अस्पताल की तीसरी मंजिल से कथित रुप से छलांग लगा कर आत्महत्या कर ली। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर जय प्रकाश ने निकाय संचालित अस्पताल की कर्मचारी की आत्महत्या मामले की जांच का आदेश दिया है।

शुरूवाती जांच में पता चला है कि महिला दिल्ली के ढाका गांव की रहने वाली थी। वहीं महिला के आत्महत्या मामले पर मेयर ने कहा, ‘हमें इस घटना से दुख है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हमने भी मामले की विभागीय जांच का आदेश दिया है।’’

द् वायर के अनुसार, इसी अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता और उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर जय प्रकाश को 17 जुलाई दोपहर 12 बजे आइसोलेशन वार्ड का उद्घाटन करना था।

दैनिक जागरण के अनुसार, आइसोलेशन वार्ड का उद्धघाटन होने वाला था इसलिए अस्पताल के सभी कर्मचारियों को सुबह से ही साफ-सफाई के काम पर भिड़ा दिया गया था।

कर्मचारी आयोग के सचिव संजय गहलोत ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की

इसी दौरान सुबह सवा दस बजे के आस-पास महिला कर्मचारी ने तीसरी मंजिल से कुद कर अपनी जान दे दी।

बेहद नाज़ुक हालत में उन्हें अरुण आसफ अली अस्पताल ले जाया गया। कुछ समय बाद डॉक्टरों ने कौशल्या देवी को मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से पुलिस को कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।

महिला के आत्महत्या मामले पर अस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि, उन्हें अवसाद के साथ ही हाई बीपी और शुगर की बीमारी थी। संभवत: इसी कारण से उन्होंने जान दे दी।

उधर, दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग के सचिव संजय गहलोत ने अस्पताल प्रशासन पर सफाई के लिए कर्मियों पर दवाब बनाने का आरोप लगाया है।

उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच के साथ ही महिला के परिजनों को नौकरी देने की मांग की है।

मेयर जय प्रकाश ने बताया, ‘घटना के कारण कार्यक्रम को टाल दिया गया। अगले सप्ताह इसकी कोशिश करेंगे।’

मेयर ने कहा, ‘ महिला को उसके पति के स्थान पर अनुकंपा पर अस्पताल में नौकरी दी गई थी। उन्होंने यहां करीब 10-12 साल पहले काम करना शुरू किया था। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी है।

मेयर ने आगे कहा, परिवार में कुछ दिक्कत थी, वह अपने 20-22 साल के बेटे को साथ लेकर काम पर आती थी।’

बता दें दिल्ली के अस्पतालों में बीते दिनों आत्महत्या के कई मामले सामने आए हैं, बीते छह जुलाई को एम्स में ही कोरोना संक्रमित एक 37 वर्षीय पत्रकार तरुण सिसोदिया ने एम्स की चौथी मंजिल से कथित तौर पर कूदकर आत्महत्या कर ली थी।

सिसोदिया की मौत को लेकर एम्स प्रशासन पर सवाल उठे थे, जिसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया था।

पिछले दो हफ्तों में एम्स में आत्महत्या की यह तीसरी घटना थी।

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