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जापानी औद्योगिक क्षेत्र के मज़दूरों का अवैध छंटनी के ख़िलाफ़ हस्ताक्षर अभियान

हस्ताक्षर का उद्देशय मज़दूरों के साथ हो रहे शोषण के ख़िलाफ़ राजस्थान सरकार को अवगत कराना है

राजस्थान के निमराना में स्थित जापानी औद्योगिक क्षेत्र में मज़दूरों के साथ बढ़ते अत्याचार के ख़िलाफ़ आवाज़ को बुलंद करते हुए मज़दूरों ने जापानी औद्योगिक इलाके के अनंतराज सोसाइटी के सामने 16 अगस्त 2020 को तीन दिन के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया था।

हस्ताक्षर अभियान चलाने में निस्सिन ब्रेक कंपनी के मज़दूर, सौरभ सिंह, गजराज तिवारी, अजीत यावद और डाईकिन से दौलत राम आदि मज़दूरों ने अहम भूमिका निभाई है।

निस्सिन कंपनी से अवैध तरीके से निकाले गए ट्रेनी मज़दूर अजीत ने वर्कर्स यूनिटी को बताया कि, लगभग 200 सौ मज़दूरों ने हस्ताक्षर किया है।

अजीत ने कहा कि, हस्ताक्षर अभियान चालने का मुख्य उद्देशय राजस्थान सरकार को मज़दूरों के साथ हो रहे शोषण, अवैध छटनी और अत्याचार के ख़िलाफ़ अगवत कराना है।

साथ ही प्रतिनिधिमंडल का मुख्यमंत्री  से मुलाकात करना और मज़दूरों की समस्याओं को बताने का उद्देशय है।

मुख्यमंत्री के पास भेजा जाएगा

अजीत ने बताया कि, कई मज़दूरों ने तो कंपनी प्रबंधन के डर से हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा नहीं लिया।

साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि, अभियान चलाने के दौरान गार्ड कोरोना का हवाला देकर भीड़ इकट्ठी नहीं होने दे रहे थे।

तीन दिन चले इस हस्ताक्षर अभियान में जिन लोगों ने हस्ताक्षर किया है, उसे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास भेजा जाएगा।

लॉकडाउन के समय से ही जापानी औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले मज़दूरों के साथ कंपनी मालिक शोषण कर रहे हैं और अवैध तरीके से छटनी कर रहे हैं।

बिते 14 जून को निस्सिन ब्रेक कंपनी में काम करने वाले 110 ट्रेनी मज़दूरों में से 40 ट्रेनी मज़दूरों को काम से बिना किसी नोटिस के निकाल दिया था।

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