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नेवेली लिग्नाइट बॉयलर ब्लास्ट में मृतकों की संख्या 12 हुई, 17 लोग बुरी तरह हैं जख्मी

1 जुलाई को कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले 6 मज़दूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था

तमिलनाडु के नेवेली में स्थित नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन (एनएलसी) में जोरदार तरह से बॉयलर फट गया था। जिसके कारण 6 मज़दूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी और 17 लोग घायल बताए जा रहे थे। पर सोमवार को मौतों का आकड़ा बढ़ कर 12 हो गया है।

ये हादसा 1 जुलाई को हुआ था। जिसमें 6 मज़दूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। खबर के मुताबिक हादसे वाले दिन फैक्ट्री में 23 मज़दूर  काम कर रहे थे जिनकी उम्र 25 से 40 थी। इसमें से कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले 6 मज़दूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।

वहीं एनएलसी प्रबंधन ने मुआवजे की घोषणा करते हुए कहा। मृतक के परिवार वालों को 30 लाख का मुआवजा दिया जाएगा और घायलों को 5 लाख का।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलनीसामी ने भी  कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले मतृक के परिवारों को 3-3 लाख मुआवजा देने का ऐलान किया है और घायलों को 50,000 हज़ार देने के लिए कहा है।

बीते 7 मई को भी नेवेली पॉवर प्लांट के बॉयलर में भीषण धमाका हुआ था जिसमें पांच मज़दूर मारे गए थे। ये हादसा 84 मीटर ऊंचाई वाले बॉयलर में हुआ था।

इस तरह दो महीने में ही 11 मज़दूरों की मौत हो गई है, लेकिन जांच का आश्वासन देने के बावजूद उचित उपाय क्यों नहीं किए गए ये सवाल बना हुआ है।

हादसा इतना भयानक था कि बिल्डिंग को भी भारी नुकसान पहुंचा है। धमाका कैसै हुआ है इस बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

इसके साथ ही हालात का जायजा लेने के लिए कुड्डालोर जिला प्रशासन की एक टीम मौके पर पहुंच गई है।

केंद्र के स्वामित्व वाले इस प्लांट में 27000 कर्मचारी काम करते हैं। लेकिन मज़दूरों का आरोप है कि सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंधन नहीं किए जाते।

इसके पहले भी 7 मई को नेवेली पॉवर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट हुआ था। हादसा 84 मीटर ऊंचाई वाले बॉयलर में हुआ था। उस समय कर्मचारी और टेक्नीशियन 32 मीटर पर मौजूद थे।

ब्लास्ट के बाद सीआईएसएफ की फायर विंग ने आग पर काबू लिया था। इस हादसे में कई लोग घायल हो गए थे, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई थी।

इस हादसे के बाद कंपनी ने कहा था कि एनएलसी ने मामले की जांच के लिए 6 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जिसकी अगुवाई जनरल मैनेजर करेंगे।

कमेटी पूरे हादसे की जांच के साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे. मई के हादसे के एक महीने बाद फिर बॉयलर ब्लास्ट हुआ है।

हादसे-दर-हादसे

अभी दो दिन पहले आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के सैनर लाइफ साइसेंज प्राइवेट लिमिटेड में जहरीले बेंजिमिडेजोल गैस लीक होने से दो कर्मचारियों के दर्दनाक मौत की ख़बर आ गई। जबकि चार घायलों में एक की स्थिति गंभीर है।

बीते मई माह में महज 30 घंटों के बीच देश में 6 भयावह घटनाएँ सामने आई थीं। 7 मई को चार बड़े हादसे हुए थे।

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के पास केमिकल फैक्ट्री एलजी पोलीमर्स में गैस लीक होने के बाद वहाँ कम से कम 17 लोगों की मौत हुई थी और करीब दस हजार लोग गंभीर रूप से बीमार होने की पुष्टि हुई थी।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में शक्ति प्लस पेपर्स मिल में क्लोरीन गैस पाइप लाइन फटने से बड़ा हादसा हुआ। हादसे के शिकार 7 मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, इनमें से 3 की हालत गंभीर है।

तमिलनाडु राज्‍य के कुड्डालोर जिले में नेवेली लिग्‍नाइट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्‍लांट में बॉयलर फटने से 5 मज़दूरों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। हादसे के बाद प्‍लांट से धुएं का बादल देखा गया।

महाराष्‍ट्र के नासिक जिले के सातपुर इलाके में हुई जहाँ फार्मास्युटिकल पैकेजिंग फैक्‍ट्री में आग लग गई थी।

इसके अलावा महाराष्ट्र में रेल से कटकर 16 प्रवासी मजदूरों की दर्दनाक मौत हुई थी।

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