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20 साल पुराने 600 मज़दूरों को नौकरी से निकाला, तपती धूप में दिया धरना

लॉकडाउन के दौरान का वेतन भी नहीं दिया, कम वेतन पर नई भर्तियों से मजदूरों में आक्रोश

By खुशबू सिंह

हरियाणा के बावल के आईएमटी स्थित मारूति असाही ग्लास कंपनी ने ठेके पर काम करने वाले 600 मज़दूरों को बिना किसी नोटिस पीरियड के काम से निकाल दिया।

निकाले गए मज़दूरों में अधिकतर 15-20 साल से कंपनी में काम कर रहे थे। मज़दूरों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने उन्हें लॉकडाउन का वेतन भी नहीं दिया गया।

मजदूरों का कहना है कि वेतन न मिलने से पहले ही रहना और खाना दूभर है, अब कंपनी ने इस हाल में निकालकर बीस साल की मेहनत और भरोसे का खून कर दिया।

एक अधिकारिक वेबसाइट के अनुसार मज़दूरों को काम से निकाल कर प्रबंधन ने नई भर्तियां करनी शुरू कर दी थीं। इस बात की जानकारी जैसै ही मज़दूरों को लगी वे लोग तपती धूप में धरने पर बैठ गए।

मज़दूरों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए श्रम अधिकारी हवा सिंह को धरना स्थल पर पहुंचना पड़ा। उन्होंने मज़दूरों को किसी तरह समझा बुझाकर वापस भेज दिया।

मज़दूरों ने श्रम अधिकारी को कड़ी चेतावनी दी है, यदि उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो वे आंदोलन करेंगे। श्रम अधिकारी हवा सिंह ने कंपनी प्रबंधन से बात करने की कोशिश की पर कोई हल नहीं निकला है।

काम से निकाले गए मज़दूरों में यूनियन के प्रधान संदीप, सचिव राकेश कुमार, राकेश, महेंद्र, रतिराम, सतबीर, मनोज, मुकेश, हुकम, सतीश, संजय, प्रवीन, करण सिंह, नरेश, धर्मवीर, राजकुमार, शिवम आदि मज़दूर शामिल हैं।

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