मारुति प्लांट, रोहतक में भीषण आग, 2 मज़दूरों की मौत, मैंनेजमेंट छुपाने में जुटा रहा

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हरियाणा के रोहतक में स्थित मारुति सुजुकी के रिसर्च सेंटर में आग लगने से दो मज़दूरों की मौत हो गई। लेकिन मैनेजमेंट ने पुलिस पहुंचने के बाद भी इस बारे में इसकी जानकारी नहीं दी।

सोमवार को हुई इस घटना का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग इतनी भीषण थी कि इसे बुझाने में काफ़ी समय लगा और जब बिल्डिंग की तलाशी ली गई तो उसमें दो मज़दूरों के शव बरामद हुए।

दैनिक जागरण अख़बार के अनुसार,  “दो मज़दूरों की मौत पर कंपनी का कोई भी अधिकारी सामने नहीं आया। यहां तक कि जिस समय यह हादसा हुआ पुलिस भी वहां पर थी, लेकिन उसे भी यह जानकारी नहीं दी गई कि प्लांट के अंदर दो कर्मचारियों की मौत हो चुकी थी।”

दोनों शवों के दांत टूटे हुए थे और धुएं के कारण शरीर काला पड़ चुका था। अधिकारियों को आशंका है कि दोनों की मौत करंट लगने से हुई होगी।

शवों की पहचान एसी मकैनिक अर्जुन कुमार और मनोज के रूप में गई है। दोनों की उम्र 25-26 साल है। अर्जुन बिहार के पूर्वी चंपारण के और मनोज कुमार यूपी के लखनऊ के रहने वाले थे।

दोनों रोहतक के बलियाना गांव में किराए पर ही रहते थे। देर रात तक दोनों के परिवार के सदस्य रोहतक नहीं पहुंचे थे।

लोकल मीडिया के अनुसार, दोपहर के समय प्लांट की बिल्डिंग नंबर 10 में चेंबर के चारों तरफ लगी इंसुलेशन फ़ोम में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने भीषण रूप धारण कर लिया।

फायर ऑफिसर संजीव डागर ने बताया कि दोपहर बाद करीब 3 बजे प्लांट में चैंबर के अंदर शार्ट सर्किट से आग लग गई। कई उपकरण जलने लगे। कर्मचारियों ने अपने स्तर पर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।

आग इतनी भयावह थी कि इसे बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की 7 गाड़ियों को लगाया गया, बावजूद आग बुझने में घंटों का समय लगा।

आइएमटी एरिया में मारूति कंपनी का आरएंडडी प्लांट है। जिसमें गाड़ियों की टेस्टिंग के अलावा रिसर्च आदि का काम होता है। यह प्लांट 100 से ज्यादा एकड़ में फैला हुआ है।

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