उत्तरकाशी सुरंग से निकाले गए सभी 41 मज़दूर, तस्वीरों में देखिए बाहर निकले मज़दूरों के चेहरे की खुशी

उत्तरकाशी सुरंग से निकाले गए सभी 41 मज़दूर, तस्वीरों में देखिए बाहर निकले मज़दूरों के चेहरे की खुशी

उत्तराखंड की उत्तरकाशी सुरंग में फंसे सभी 41 मज़दूर सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए हैं। पूरे 17 दिनों के बाद मज़दूरों के परिजन भी राहत की सांस ले रहे हैं।

बिहार के आरा के रहने वाले एक मज़दूर के परिवारवालों ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, ”ये खुशी का दिन है। इसे हम शब्दों में नहीं बयां कर सकते।’

https://www.workersunity.com/wp-content/uploads/2023/11/Rescue-workers-in-Uttarkashi-Tunnel.jpg

मंगलवार की शाम पांच बजे ही पता चल गया था कि मलबे में डाला गया पाइप मज़दूरों तक पहुंचने वाला है और रात 9 बजे तक मज़दूरों को निकाले जाने की ख़बर आई।

https://www.workersunity.com/wp-content/uploads/2023/11/Uttarkashi-rescued-worker.jpg

जैसे ही ख़बर आई कि मज़दूर आज रात तक निकाल लिए जाएंगे उच्च अधिकारियों, नेताओं और मंत्रियों का जमावड़ा लग गया।

मौके पर केंद्रीय मंत्री वीके सिंह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी पहुंचे हुए थे और जैसे ही मज़दूरों को निकाला गया उन्हें सबसे पहले वीके सिंह और धामी से मिलवा गया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “सुरंग से निकले मजदूरों को 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।”

हालांकि जिस कंपनी के लिए मज़दूर काम कर रहे थे उन्हें मुआवज़ा मिलेगा या नहीं अभी कुछ पता नहीं है।

https://www.workersunity.com/wp-content/uploads/2023/11/Uttarkashi-rescue-worke.jpg

रेस्क्यू के तुरंत बाद मज़दूरों को अस्पताल ले जाने के लिए दर्जनों एंबुलेंस टनल के बाहर हफ़्ते भर पहले ही खड़ा कर दी गई थीं, जब उनके निकलने की संभावना जताई जाने लगी थी। हालांकि मशीन 12 मीटर पहले ही फेल हो गई और सोमवार से हाथ से खुदाई करके पाइप डाला गया।

https://www.workersunity.com/wp-content/uploads/2023/11/workers-Uttarkashi.jpg

सभी वर्करों को मुख्यमंत्री पुष्कर धामी और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने माला पहना कर और शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया और कुशलता की जानकारी ली।

https://www.workersunity.com/wp-content/uploads/2023/11/WhatsApp-Image-2023-11-21-at-9.37.29-AM.jpeg

क़रीब एक हफ़्ते पहले ही पाइप में कैमरा डालकर मज़दूरों से बात की गई थी और उन्हें धैर्य बनाए रखने के लिए कहा गया था। इसी पाइप से उन्हें ऑक्सीजन और खाने पीने की चीजें भेजी जा रही थीं।

https://www.workersunity.com/wp-content/uploads/2023/11/Uttarkashi-rescue-workers.jpg

इस राहत और बचव कार्य में जो वर्कर लगे थे उनकी रात दिन की कड़ी मेहनत की सभी लोग तारीफ़ कर रहे हैं।

https://www.workersunity.com/wp-content/uploads/2023/11/workers-protest-at-uttarakhand-tunnel-where-40-workers-trapped.jpg

दिपावली के दिन जब सुरंग का एक हिस्सा गिर गया और दूसरी तरफ अंधी सुरंग में 41 मज़दूर फंस गए तो इस पर चार दिन तक हीला हवाली होती रही, जिससे गुस्साए मज़दूरों के साथियों ने सुरंग के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि कोई भी उच्च अधिकारी या नेता या मंत्री या मुख्यमंत्री नहीं पहुंचा।

https://www.workersunity.com/wp-content/uploads/2023/11/workers-traped-in-Uttarakhand-tunnel.jpg

सुरंग में गिरे 57 मीटर मलबे में पाइप घुसाने के लिए सुरंग बनाने वाली ऑगर मशीन को लगाया गया। इसे लगाने में भी कई दिन देर हो चुकी थी। लेकिन 10 मीटर की ड्रिलिंग के बाद ये खराब हो गई। उसके बाद दो तीन दिन तक काम बाधित रहा। इसके बाद दिल्ली से एक बड़ी अमेरिकन ऑगर मशीन सेना के हेलीकॉप्टर से उत्तराखंड पहुंचाया गया। लेकिन ये भी मशीन 47 मीटर बाद जवाब दे दी गई।

कई बार उम्मीद जगी लेकिन कई बार उम्मीद धुमिल भी हुई। कथित इंटरनेशनल एक्सपर्ट और देश विदेश के जानकारों की मदद ली गई। कई और वैकल्पिक प्लान बनाए गए। एक प्लान था पहाड़ के ऊपर से नीचे की ओर कुएं जैसा सुरंग बनाना। लेकिन वो भी कामयाब नहीं था, और ऐसा लगता है कि ये दिखाने के लिए था क्योंकि बाद में पता चला कि अगर टनल के ऊपर पानी का प्राकृतिक स्रोत भंडार होगा तो टनल में पानी भर जाएगा और मज़दूर मारे जाएंगे। समय रहते इस मूर्खता भरे काम को रोक दिया गया।

https://www.workersunity.com/wp-content/uploads/2023/11/GAB9GtEasAEl-Ze.jpg

कथित रूप से एक इंटरनेशनल एक्सपर्ट को बुलाया गया जिसके बारे में कहा गया कि वो रेस्क्यू ऑपरेशन में इंटरनेशनल टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन के अध्यक्ष अर्नाल्ड डिक्स हैं। डिक्स ने दो दिन पहले कैमरे के सामने ये कहकर सबको चौंका दिया कि मज़दूरों को क्रिसमस तक निकाल लिया जाएगा। इससे निराशा और गहरी हो गई थी।

मज़दूरों और रेस्क्यू टीम के बीच जब 12 मीटर की दूरी बची थी तो उत्तराखंड की अति धार्मिक धामी सरकार ने सुरंग के बाहर एक अस्थाई मंदिर रखवा दिया और यह डिक्स महोदय वहां घुटने टेक कर बैठ गए और फोटो खिंचवाया। समझ नहीं आता कि एक इंटरनेशनल साइंटिस्ट या रेस्क्यू एक्सपर्ट इस अंधविश्वास के साथ मज़दूरों की कितनी मदद कर पाया होगा।

Do read also:-

https://i0.wp.com/www.workersunity.com/wp-content/uploads/2023/04/Line.jpg?resize=735%2C5&ssl=1

Subscribe to support Workers Unity – Click Here

(वर्कर्स यूनिटी स्वतंत्र निष्पक्ष मीडिया के उसूलों को मानता है। आप इसके फ़ेसबुकट्विटर और यूट्यूब को फॉलो कर इसे और मजबूत बना सकते हैं। वर्कर्स यूनिटी के टेलीग्राम चैनल को सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें।)

Workers Unity Team

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.