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किराए के लिए मकान मालिक कर रहे तंग, आधा किराया देने पर भी नहीं मान रहे

कई राज्यों ने अपने यहां मकान का किराया माफ़ करने को कहा है, लेकिन लागू नहीं हो पा रहा

By खुशबू सिंह

लॉकडाउन के कारण सभी फैक्ट्रियां बंद पड़ी हैं। लोग आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं, ऐसे में सैकड़ों मज़दूर घरों का किराया भी नहीं चुका पा रहें हैं और ना ही सरकार कोई स्पष्ट नीति बना रही है।

मकान मालिक उन पर लगातार दबाव बना रहे हैं किराया चुकाने के लिए।

इस तरह की घटना केवल मजदूरों के साथ नहीं हो रही है, कई मेडिकल स्टाफ़ के साथ भी हो रही है। इन लोगों पर भी किराया देने का दबाव लगातार बनाया जा रहा है।

इसी तरह की  प्रताड़ना का शिकार हरियाणा के गुड़गांव में रहने वाला एक मेडिकल स्टाफ़ हो रहा है।

नाम ना छापने की शर्त पर इस मेडिकल स्टाफ़ ने वर्कर्स यूनिटी को बताया कि मकान मालिक उनके घर पर हर दो दिन बाद आता है और किराए के लिए प्रताड़ित करता है।

उन्होंने बताया कि, लॉकडाउन के कारण अर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। पूरा किराय तो नहीं दे सकते हैं पर आधा जरूर देने की कोशिश करते हैं, पर मकान मालिक मानने को तैयार नहीं है।

जबकि कई राज्यों की सरकारों ने साफ तौर पर कह दिया है कि इस महामारी के बीच मकान मालिक अपने किराएदारों से किराया ना लें। किराया न लेना तो छोड़िए मकान मालिक सहुलियत बरतने को तैयार नहीं है।

देश भारी संकट से गुजर रहा है। कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार भारत में अब तक 13,000 हजार से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं और 450 लोगों की मौत हो चुकी है।

कोरोना विकराल रूप ना धारण कर ले इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिन के लॉकडाउन को बढ़ा कर 3 मई तक कर दिया है।

हालांकि 20 अप्रैल से कुछ ज़रूरी उद्योगों को चलने की अनुमति दी गई है लेकिन कर्फ्यू का सख़्ती से पालन के भी निर्देश दिए गए हैं।

(वर्कर्स यूनिटी स्वतंत्र निष्पक्ष मीडिया के उसूलों को मानता है। आप इसके फ़ेसबुकट्विटर और यूट्यूब को फॉलो कर इसे और मजबूत बना सकते हैं।)

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