किसान सम्मलेन: 16 फरवरी 2024 को ग्रामीण बंद, पूरे भारत में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन

किसान सम्मलेन: 16 फरवरी 2024 को ग्रामीण बंद, पूरे भारत में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन

बीते मंगलवार को जालंधर में एसकेएम के बैनर तले किसान सम्मलेन का आयोजन किया गया.

इस अखिल भारतीय किसान सम्मेलन में कृषि पर कॉर्पोरेट लूट को समाप्त करने के लिए संघर्ष तेज करने और 16 फरवरी 2024 को पूरे भारत में ग्रामीण बंद और बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने का आह्वान किया गया.

सम्मेलन के दौरान किसानों, श्रमिकों और आम लोगों से 26 जनवरी 2024, गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर/वाहन परेड को सफल बनाने और कॉर्पोरेट लूट को समाप्त करने तथा देश के संविधान में निहित लोकतांत्रिक-धर्मनिरपेक्ष-संघीय-समाजवादी सिद्धांतों को बचाने की प्रतिज्ञा ली गई.

farmer convetion

कन्वेंशन के दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगते हुए कहा कि ” कॉर्पोरेट-समर्थक, किसान-विरोधी भाजपा सरकार जानबूझकर किसानों की आर्थिक स्थिति को खराब करने, कॉरपोरेट द्वारा फसल उत्पादन और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला पर नियंत्रण स्थापित करने , मुनाफाखोरी के लिए एकाधिकार स्थापित करने के लिए किसानों की भूमि को हड़पने और उन्हें खेती से बाहर करने की निति अपना रही है.”

किसान संगठनों ने जानकारी देते हुए बताया कि ‘सम्मलेन में एक घोषणापत्र भी पारित किया गया. घोषणापत्र में कॉर्पोरेट एकाधिकार के लालची चंगुल से बाहर निकलने, सार्वजनिक निवेश, उत्पादक सहकारी समितियों और अन्य जन-केंद्रित मॉडलों पर आधारित कृषि और कृषि आधारित औद्योगिक विकास की एक वैकल्पिक नीति की मांग की गई.’

‘ताकि किसानों को लाभकारी मूल्य, श्रमिकों को सम्मानजनक जीवन के लिए उचित मजदूरी और सभी वर्गों के लोगों के लिए पेंशन सहित सामाजिक सुरक्षा मिल सके.’

farmers convention 2

इसके साथ ही किसानों ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार निम्नलिखित मांगों को पूरा नहीं करती तब तक संघर्ष जारी रहेगा :-

1. गारंटीकृत खरीद के साथ सभी फसलों के लिए सी2+50% की दर से न्यूनतम समर्थन मूल्य

2. केंद्रीय गृह मंत्री अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करना और लखीमपुर खीरी में किसानों के नरसंहार के लिए उन पर मामला दर्ज करना

3. छोटे और मध्यम किसान परिवारों के ऋण मुक्ति के लिए व्यापक ऋण माफी योजना,

4. सार्वजनिक क्षेत्र में व्यापक फसल बीमा, श्रमिकों के लिए प्रति माह न्यूनतम मजदूरी 26,000/- रुपये, 4 श्रम संहिताओं को निरस्त करना,

5. रोजगार की गारंटी का मौलिक अधिकार,

6. रेलवे, रक्षा, बिजली सहित सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण बंद करना

7. नौकरियों में कोई ठेकेदारी नहीं,

8. निश्चित अवधि के रोजगार को खत्म करना,

9. प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष 200 दिनों के काम और दैनिक वेतन के रूप में 600/- रुपये के साथ मनरेगा को मजबूत करना,

10. पुरानी पेंशन योजना को पुनः बहाल करना,

11. संगठित और असंगठित क्षेत्र में सभी के लिए पेंशन और सामाजिक सुरक्षा,

12. एलएआरआर अधिनियम 2013 (भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013) को सख्ती से लागू करना.

इसके साथ ही कन्वेंशन ने दिल्ली सीमा पर किसान शहीद स्मारक – किसान शहीद स्मारक के निर्माण के लिए भी निर्णय लिया गया.

( SKM द्वारा जारी प्रेस रिलीज के आधार पर)

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Abhinav Kumar

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