पंजाब के बिजली कर्मचारियों की सामूहिक हड़ताल का तीसरा दिन, विरोध प्रदर्शन जारी

इधर दिल्ली में हज़ारों छात्र जंतर मंतर के आस पास डटे हुए हैं और दिल्ली मेट्रो ने उसके आस पास के 16 मेट्रो स्टेशन बंद कर रखे हैं, उधर, पंजाब में किसान और बिजली कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है।
पंजाब के किसान दिल्ली कूच को स्थगित कर दिया है लेकिन मंगलवार से जारी पंजाब के बिजली कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही।
इस हड़ताल में कर्मचारियों के सात संगठन शामिल हैं।
1- पीएसईबी एम्प्लॉइज जॉइंट फ़ोरम 2- बिजली मुलाजिम एकता मंच पंजाब 3- एसोसिएशन ऑफ़ जूनियर इंजीनियर्स 4- ग्रिड सब स्टेशन एम्प्लॉइज यूनियन 5- मुलाजिम यूनाइटेड ऑर्गेनाइजेशन 6- पावरकॉम एंड ट्रांसको पेंशनर्स यूनियन 7- पेंशन वेलफ़ेयर फ़ेडरेशन के संघर्ष का संयुक्त मंच।
पंजाब के सभी बिजली कर्मचारी कलेक्टिव लीव लेकर पूरे पंजाब के अलग-अलग डिविजनल/सब-डिविजनल ऑफिसों के सामने रैलियां कर रहे हैं।
संघर्ष के बारे में जानकारी देते हुए नेता बिक्रमजीत सिंह, निर्भय सिंह भट्टल, भोला सिंह गग्गरपुर, गुरबख्शीश सिंह, जगदीप सिंह गुजरां और पुनीत पराशर ने कहा कि पंजाब सरकार और बिजली निगम का मैनेजमेंट लंबे समय से बिजली कर्मचारियों और पेंशनर्स की जरूरी मांगों/मुद्दों को नजरअंदाज कर रहा है।
नेताओं ने कहा कि बिजली निगम में हज़ारों पद खाली हैं, अधिक काम के बोझ तले दबे कर्मचारी आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, ये कर्मचारी अपने हक की मांग कर रहे हैं।
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उनकी मांगें हैं-
- 17 जुलाई 2020 का पत्र रद्द कर बिजली कर्मचारियों पर समान काम-समान वेतन के सिद्धांत के अनुसार बिजली निगम स्केल लागू किया जाए।
- संशोधित स्केल लागू होने के बाद पदोन्नत कर्मचारियों के लिए पे बैंड लागू किया जाए। 18% डीए किस्त व उसका एरियर दिया जाए।
- पुरानी पेंशन (ओपीएस) बहाल किया जाए और संक्रांति नीति के तहत भर्ती कर्मचारियों से 12% ब्याज की शर्त हटाई जाए और विशेष पेंशन के अधिकार की बहाली की जाए।
- वेतन समानता बहाल कियाजाए और बंद किए गए भत्ते व एरियर बहाल किए जाएं.
- 3 सीआरए की कांट्रैक्ट टाइम को नियमित सेवा में जोड़ना, रिक्त पदों को नई नियमित भर्ती से भरना, नए पदों का सृजन करना भी इन मांगों में शामिल है।
- कंटिंजेंट वर्करों को पिछली सर्विस का पूरा वेतन व सर्विस बेनिफिट दिया जाए, विभाग में अलग-अलग सोर्स से भर्ती हुए आउटसोर्सिंग वर्करों को सीधे विभाग में रेगुलर करने की पॉलिसी बनाई जाए और वेतन में बढ़ोतरी की जाए।
- गोइंदवाल थर्मल प्लांट में रेगुलर कर्मचारियों की नियुक्ति, डेवलपमेंट टैक्स 200 रुपये कम करना, पेंशनरों की पेंशन 2.45 की जगह 2.59 फैक्टर से रिवाइज करना व पेंशनरों को बिना शर्त 23 साल के बेनिफिट देना आदि मांगों को पंजाब सरकार के सामने रखा गया।
कर्मचारियों ने कहा कि सरकार के अड़ियल रुख़ की वजह से धान के सीजन में संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ा है।
नेताओं ने कहा कि संगठन की बिजली मंत्री व वित्त मंत्री पंजाब के साथ कई बार मीटिंग हो चुकी है, लेकिन मैनेजमेंट व सरकार मांगों को हल करने की बजाय नए मुद्दे खड़े कर रही है।
कर्मचारी नेताओं का कहना है इसके विरोध में पंजाब के सभी बिजली कर्मचारी सामूहिक छुट्टी लेकर अपना विरोध जता रहे हैं।
उनके अनुसार, पूरे पंजाब में 80% से ज़्यादा बिजली कर्मचारी 21 और 22 जुलाई को सामूहिक छुट्टी पर थे, लेकिन मैनेजमेंट या पंजाब सरकार की तरफ से कोई मीटिंग का न्योता न मिलने की वजह से बिजली कर्मचारियों ने अब 23 और 24 जुलाई की दो दिन हड़ताल बढ़ा दी है।
नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे इसी तरह सामूहिक छुट्टी बढ़ाकर बिजली दफ्तरों के सामने विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे।
नेताओं ने कहा कि अगर पंजाब सरकार और बिजली निगम की मैनेजमेंट की तरफ से बिजली कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों/मुद्दों का हल नहीं किया गया तो इस संघर्ष को और तेज़ करके आगे बढ़ाया जाएगा।
इस बीच अगर पंजाब में कहीं भी बिजली सप्लाई पर असर पड़ता है तो इसकी पूरी ज़िम्मेदारी पंजाब सरकार और बिजली निगम की मैनेजमेंट की होगी।
आज की रैली को परमपाल सिंह पम्मा, राजपिंदर सिंह करतारपुरा, पेंशनर नेता यशपाल शर्मा और अवतार सिंह फोरमैन ने संबोधित किया। इस मौके पर गौरव जोशी, राजवीर सिंह, दलवीर सिंह भिंडर, परमिंदर सिंह खेरी, मनजीत सिंह, सुखविंदर सिंह उपली, कुलविंदर सिंह, लखबीर सिंह बडरुख, धर्मप्रीत सिंह बडरुख, काला सिंह घराचों, संदीप सिंह घराचों, सुखविंदर सिंह भवानीगढ़, राजिंदर सिंह भवानीगढ़, लखवीर सिंह, भोला सिंह, दलवीर सिंह, मिट्ठू सिंह आदि रैली में मौजूद थे।
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