ओपीएस की मांग पर 3 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी जायेंगे हड़ताल पर, इस तारीख से थम जायेंगे ट्रेनों के पहिये

ओपीएस की मांग पर 3 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी जायेंगे हड़ताल पर, इस तारीख से थम जायेंगे ट्रेनों के पहिये

केंद्र सरकार के 28 लाख कर्मचारियों और राज्य सरकारों के तीन करोड़ से अधिक कर्मचारियों और शिक्षकों के बीच काम करने वाले ट्रेड यूनियनों और संघों ने 1 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है.

पुरानी पेंशन योजना बहाली को लेकर घमासान तेज होता नजर आ रहा है. रेलवे कर्मचारी इस मांग को लेकर हड़ताल कर सकते हैं. इस हड़ताल के चलते भारतीय ट्रेनों के पहिओं के थमने का खतरा बना हुआ है.

बता दें कि केंद्र सरकार के 28 लाख कर्मचारियों और राज्य सरकारों के तीन करोड़ से अधिक कर्मचारियों और शिक्षकों के बीच काम करने वाले ट्रेड यूनियनों और संघों ने 1 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है.

1 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का किया ऐलान

अनिश्चितकालीन हड़ताल के आह्वान से पहले रेलवे, विभिन्न विभागों और केंद्र के अधीन सार्वजनिक उपक्रमों के विभाग में हड़ताल के लिए मतदान हुआ. यूनियनों का दावा है कि उन्हें कर्मचारियों का 100 फीसदी समर्थन मिला है.

इसके लिए रेलवे एम्पलॉइज और वर्कर्स के विभिन्न संगठन जॉइंट फोरम फोर रिस्टोरेशन ऑफ ओल्ड पेंशन स्कीम के लिए एक साथ आए हैं. फोरम ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं तो वे 1 मई से देश भर में रेलवे का परिचालन ठप कर देंगे.

ज्वाइंट फोरम फॉर रिस्टोरेशन ऑफ ओल्ड पेंशन स्कीम ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है. इसके तहत 19 मार्च को संबंधित प्रशासनों को हड़ताल को लेकर नोटिस दिया जाएगा.

सरकार पर लगाए ये आरोप

पुरानी पेंशन को फिर से बहाल करने की मांग को लेकर बने रेलवे यूनियंस के जॉइंट फोरम ने इस संबंध जारी बयान में सरकार पर आरोप लगाया गया है कि वह नई पेंशन योजना की जगह पर पुरानी पेंशन योजना को फिर से बहाल करने की रेलवे कर्मचारियों की मांग पर ध्यान नहीं दे रही है.

ऐसे में फोरम के पास हड़ताल के अलावा और कोई चारा नहीं बचा है. JFROPS के संयोजक और ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन (AIRF) के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने बताया कि “इस मुद्दे पर केंद्र के साथ चर्चा विफल होने के बाद हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है. हमने ओल्ड पेशन स्कीम (OPS) की बहाली की मांग को लेकर कई विरोध प्रदर्शन किया है. यहां तक प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को पत्र लिखकर ओपीएस बहाल करने का आग्रह किया. सरकार ने हमारी मांगों को नजरअंदाज कर दिया और अब हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हैं”

अन्य ट्रेड यूनियन भी कर सकते हैं हड़ताल

मिश्रा रेल कर्मचारियों के संगठन ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी भी हैं. उन्होंने कहा कि ‘ विभिन्न रेल यूनियन के प्रतिनिधि फोरम के बैनर तले 19 मार्च को रेल मंत्रालय को नोटिस भेजकर प्रस्तावित हड़ताल के बारे में सूचित करेंगे, जिसमें मंत्रालय को बताया जाएगा कि हड़ताल के कारण 1 मई से देश भर में रेल सेवाएं बाधित हो सकती हैं ‘.

मिश्रा का दावा है कि विभिन्न रेल यूनियनों के अलावा सरकारी कर्मचारियों के कई अन्य यूनियन भी प्रस्तावित हड़ताल में हिस्सा ले सकते हैं.

(पीटीआई की खबर से साभार)

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Abhinav Kumar

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