छत्तीसगढ़ के वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटा, 13 मज़दूरों की मौत और डेढ़ दर्जन से अधिक घायल

छत्तीसगढ़ के वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटा, 13 मज़दूरों की मौत और डेढ़ दर्जन से अधिक घायल

छत्तीसगढ़ के सक्ती ज़िले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर हुए बॉयलर विस्फोट में कम से कम 13 मज़दूरों की मौत हो गई जबकि डेढ़ दर्जन से अधिक घायल हुए हैं।

एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने मंगलवार को कहा था कि प्लांट में बॉयलर फटने से यह हादसा हुआ। चार मज़दूरों की मौक़े पर ही मौत हो गई, जबकि 5 अन्य मज़दूरों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

बीबीसी एक रिपोर्ट के अनुसार, चश्मदीदों ने बताया कि सिंघीतराई स्थित प्लांट में रोज़ की तरह काम चल रहा था। इसी दौरान दोपहर क़रीब 2 बजे अचानक बॉयलर में विस्फोट हो गया। बताया जा रहा है कि ट्यूब फटने के कारण यह हादसा हुआ, जिससे प्लांट परिसर में अफ़रा-तफ़री मच गई।

इस रिपोर्ट में कहा गया था कि इस दुर्घटना में 30 से 40 मज़दूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. इनमें से 18 घायलों को रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल भेजा गया है। वहीं 11 घायलों का इलाज खरसिया के पद्मावती अस्पताल में जारी है।

इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के अनुसार, सुपरहीटेड ट्यूब फट गया था जिससे 600 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान वाला भाप नीचे गिरा, जहां लोग काम कर रहे थे।
सक्ती एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि पहले बॉयलर को बंद करवाया गया और जब वह ठंडा हुआ तब राहत और बचाव काम शुरू किया गया।
सक्ती के कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने पत्रकारों से कहा कि इस दुखद घटना में कुल 33 कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।

बीबीसी की एक ख़बर के अनुसार, इस दुर्घटना में 36 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 12 छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। बाकी मज़दूर बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के हैं। मरने वालों में अभी तक चार की पहचान हो पाई है- ठंडाराम, पप्पू कुमार, अमृत पटेल और बृजेश कुमार।

CG Khabar
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मज़दूरों में आक्रोश, प्लांट के बाहर धरना

डभरा थाना क्षेत्र में हुए इस हादसे के बाद प्लांट के बाहर मज़दूरों के परिजनों ने हंगामा किया और घायलों से मिलने की मांग की. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

मज़दूरों का आरोप है कि करने वाले कई लोग लापता हैं, प्रबंधन न तो उनकी जानकारी दे रहा है, न ही वे अस्पताल में भर्ती हैं। इसे लेकर कल रात से ही पीड़ित परिवार के सदस्य पावर प्लांट के सामने धरना दे रहे हैं।

मृतक अमृतलाल पटेल के बेटे चित्रसेन पटेल ने पत्रकारों से का कहा, “यहां धमाका हुआ और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है, कोई सुनवाई नहीं हो रही है और कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।”

परिजनों के साथ स्थानीय कांग्रेस विधायक रामकुमार यादव भी धरने पर बैठ गए।

राम कुमार यादव ने कहा, “वेदांता से पहले यह एथेना पावर प्लांट था। ग्रामीणों ने इस संयंत्र के लिए जमीन दी थी। एथेना पावर प्लांट के प्रबंधन ने एक चिमनी और बॉयलर का निर्माण किया, लेकिन किसी कारणवश वे इसे चालू नहीं कर पाए। बाद में, वेदांता नामक एक कंपनी ने इस पावर प्लांट को बहुत कम कीमत पर अधिग्रहित कर लिया और इसे फिर से शुरू किया।”

कंपनी के सुपरवाइज़र विश्वजीत गोराई ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि, “मैं एथेना (जिसे बाद में वेदांता लिमिटेड ने अधिग्रहित कर लिया) में सुपरवाइजर था। स्टीम पाइप फट गया और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, और उसके बगल में काम चल रहा था। कई ठेकेदार सफाई, पेंटिंग या कोई और काम कर रहे थे, तभी यह घटना हुई। यह दोपहर के भोजन के आधे घंटे बाद हुआ। वहां लगभग चौदह से पंद्रह लोग थे। यह घटना हमारे सामने ही घटी।”

कंपनी ने की मुआवज़े की घोषणा

इस बीच वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और नौकरी देने की घोषणा की है। घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे।

प्रधानमंत्री राहत कोष से भी मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हज़ार रुपये दिए जाएंगे। राज्य सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये देने की घोषणा की है।

वेदांता प्रबंधन ने मृतक परिजनों को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने का एलान किया है।

वेदांता पावर प्लांट का बयान

हादसे के बाद वेदांता पावर प्लांट ने एक बयान जारी कर कहा है कि, “14 अप्रैल 2026 की दोपहर हमारे सिंघीतराई प्लांट की एक बॉयलर यूनिट में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी. इसमें हमारे उप-ठेकेदार, एनजीएसएल के कर्मी शामिल थे, जो यूनिट का संचालन और रख-रखाव करते हैं.”

“हमारी तत्काल प्राथमिकता प्रभावित सभी लोगों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सहायता और उपचार सुनिश्चित करना है. हम घायलों को पूरा सहयोग दे रहे हैं और चिकित्सा टीमों तथा स्थानीय अधिकारियों के साथ निकट समन्वय बनाए हुए हैं.”

वेदांता पावर प्लांट ने कहा, “हम विवरण का पता लगाने की प्रक्रिया में हैं और हमारे सहयोगी और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर एक गहन जांच शुरू कर दी गई है. इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं और गहरी सहानुभूति प्रभावित परिवारों के साथ हैं.”

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने कहा, “वेदांता प्लांट में यह पहली दुर्घटना नहीं है, कोरबा स्थित प्लांट में भी ऐसी ही दुर्घटना हुई थी, जिसमें 40 लोगों की मौत हो गई थी… अब यहां बॉयलर फट गया है। लेकिन अब तक हुई मौतें बेहद दर्दनाक हैं।”

“उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए एक जांच समिति गठित करनी चाहिए और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी चाहिए।”

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Workers Unity Team

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