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इन्टरार्क पंतनगर प्लांट से 29 सुपरवाइजर, इंजीनियर निकाले, 195 मज़दूरों का ट्रांसफर चेन्नई

मज़दूर यूनियन ने ट्रांसफ़र का किया विरोध, राज्य से बाहर भेजने को गैरकानूनी बताया

By खुशबू सिंह

उत्तराखंड के पंतनगर में स्थित इन्टरार्क बिल्डिंग प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में सुपरवाइजर, इंजीनियर के पद पर काम करने वाले 29 कर्मचारियों को एक महीने का नोटिस देकर काम से निकाल दिया गया है।

बाकी कंपनियों की तरह इन्टरार्क ने भी मंदी का हावाल देकर बड़े पद पर काम कर रहे 29 कर्मचारियों को 6 जून को घर बैठा दिया है। ये 29 कर्मचारी इन्टरार्क के पंतनगर प्लांट और किच्छा प्लांट में काम कर रहे थे।

इसमें 600 से अधिक मज़दूर काम करते हैं जिनमें 195 मज़दूरों का ट्रांसफर चेन्नई और अहमदाबाद (4) कर दिया गया है। कंपनी में काम कर रहे मज़दूरों के अनुसार, कंपनी और भी कई मज़दूरों को निकालने की तैयारी कर रही है।

कंपनी में काम कर रहे एक मज़दूर ने कहा कि ‘राज्य से बाहर ट्रांसफ़र करना स्थायी प्रमाण पत्र के अनुसार गैर कानूनी है। लेकिन कंपनी प्रबंधन ने ये काम कानून को ताक पर रख कर किया है।’

मज़दूर ने बताया कि “कंपनी प्रबंधन पूरी तरह से पंतनगर और किच्छा प्लांट को खाली कराना चाहता है। इसीलिए 29 लोगों को निकाला गया है। और भी कई लोगों को निकालने की तैयारी में प्रबंधन जुटा हुआ है।”

हालांकि पता चला है कि निकाले गए सभी 29 कर्मचारियों को इन्टरार्क ने पूरा हिसाब दे दिया है। मज़दूरों के खिलाफ कंपनी और क्या फैसले लेने वाली है इसको लेकर प्रबंधन ने अपनी तरफ से जानकारी नहीं दी है।

श्रम क़ानूनों के पीछे पड़ी सरकार

श्रम कानूनों को खत्म करने को साथ – साथ सरकार ने सरकारी अनाज गोदामों एफसीआई को भी दो साल के लिए ठेका मज़दूर उन्मूलन क़ानून से मुक्त कर दिया है।

सरकार ने पूरे देश में भारतिय खाद्य निगम के 63 गोदामों, डिपो और रेलहेड्स को ठेका श्रम कानून 1971, से दो साल के लिए मुक्त कर दिया है, जोकि 6 जुलाई 2020 को लागू हो जाएगा।

देश में बेरोज़गारी बढ़ाने में पूंजीपतियों का अहम योगदान है। 5 मई को, इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, निजी क्षेत्र के एक प्रमुख थिंक टैंक का कहना है कि लॉकडाउन के चलते भारत में अप्रैल में 12 करोड़ 20 लाख लोग बेरोजगार हो गए हैं।

लॉकडाउन के कारण 130 करोड़ आबादी वाले देश में कई उद्दम बंद हो गए हैं।

इसके चलते 3 मई को समाप्त हुए सप्ताह में देश में बेरोजगारी दर 27.1% पर पहुंच गई। इस बात का खुलासा सेंटर फॉर मॉनिटारिंग इंडियन इकोनॉमी के सर्वे में हुआ है।

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